इंदौर: स्कूल शिक्षा विभाग में प्रशासनिक आधार पर 36 लिपिकों एवं भृत्यों के तबादले किए गए हैं. तबादला आदेश जारी होने के बाद कई कर्मचारी अपने-अपने तबादले रुकवाने के प्रयास में जुट गए हैं. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पिछले दो दिनों से ऐसे कर्मचारियों की आवाजाही बढ़ गई है, जो आवेदन देकर अथवा जनप्रतिनिधियों की सिफारिश के माध्यम से अपने तबादले निरस्त कराने का प्रयास कर रहे हैं.विभागीय सूत्रों के अनुसार, कई कर्मचारियों का मानना है कि मिडिल स्कूलों की तुलना में हायर सेकेंडरी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने से काम का दबाव भी ज्यादा रहता है.
इसी कारण कुछ कर्मचारी अपने वर्तमान पदस्थापन स्थल पर ही बने रहने की कोशिश कर रहे हैं. इस बीच तबादला सूची में शामिल एक नाम जितेन्द्र धायगुडे विभागीय हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, शासकीय सुभाष हायर सेकेंडरी स्कूल, बड़ा गणपति में पदस्थ एक गणक का तबादला उसी परिसर में स्थित जिला शिक्षा कार्यालय में किया गया है. चर्चा है कि प्रारंभिक स्तर पर इस नाम को सूची से हटाए जाने की बात हुई थी, लेकिन अंतिम अनुमोदन के लिए भेजी गई सूची में इसे शामिल रखा गया. विभागीय हलकों में यह चर्चा भी है कि संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध पूर्व से विभागीय जांच लंबित है. इसे लेकर तबादला नीति के प्रावधानों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है.
फिलहाल तबादला आदेश के बाद कर्मचारियों के आवेदन, सिफारिशें और तबादले रुकवाने की कोशिशें शिक्षा विभाग में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई हैं.
जिला शिक्षा अधिकारी शौर्य मल्होत्रा ने बताया
स्कूल शिक्षा विभाग की ट्रांसफर पॉलिसी के तहत प्रशासनिक आधार पर तबादले किए गए हैं. यदि किसी कर्मचारी के तबादले में किसी प्रकार का संशोधन या परिवर्तन किया जाना होगा, तो उसके लिए मुख्यमंत्री स्तर से अनुमोदन आवश्यक होगा. विभाग निर्धारित नीति एवं नियमों के अनुरूप ही कार्रवाई कर रहा है
