नयी दिल्ली, 06 जुलाई (वार्ता) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने दिल्ली सरकार के 70 लाख पौधे लगाने के अभियान को राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण के मुकाबले “बहुत कम और बहुत देर से उठाया गया कदम” बताया है।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि पिछले 12 वर्षों में विकास परियोजनाओं के लिए 1.5 लाख से अधिक पेड़ों को काटने या हटाने की अनुमति दी गयी, लेकिन उनकी भरपाई के लिए न तो पिछली आम आदमी पार्टी सरकार और न ही मौजूदा भाजपा सरकार ने प्रभावी प्रयास किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में लगाये गये पौधों की देखभाल के अभाव में अधिकांश पौधे सूख गये। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण अभियान शुरू कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों को पेड़ बनने तक संरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि एक पौधे को पेड़ बनने में 10 से 15 वर्ष लगते हैं और इसके लिए निरंतर देखभाल आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या केवल पौधे लगाने से हल नहीं होगी। सरकार को पेट्रोल-डीजल वाहनों, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और अन्य प्रदूषण स्रोतों पर भी प्रभावी नियंत्रण करना होगा। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान तभी सफल माना जायेगा, जब लगाये गये 70 लाख पौधे भविष्य में बड़े और जीवित पेड़ों के रूप में दिल्ली की हरियाली बढ़ाने में योगदान दें।
