सुलतानपुर, 06 जुलाई (वार्ता) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की सुलतानपुर के एमपी एमएलए कोर्ट में अब 18 जुलाई को सुनवाई होगी।
श्री गांधी की वास्तविक आवाज और आरोप के तहत जमा की गई सीडी की आवाज का विधि विज्ञान प्रयोगशाला में मिलान को लेकर रिवीजन कोर्ट में बहस पूरी हो चुकी है और 15 जुलाई को उसमें आदेश भी आना है। इसी के चलते आज मूल मुकदमें में सुनवाई टल गई।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि यदि सत्र न्यायालय रिवीजन याचिका को खारिज कर देता है और वादी पक्ष उच्च न्यायालय का रुख करता है, तब भी पत्रावली सत्र न्यायालय में होने के कारण मूल मामले की सुनवाई टल सकती है।
ज्ञात हो कि भाजपा नेता विजय मिश्र के अधिवक्ता ने निचली अदालत के एक आदेश के खिलाफ 21 मई को सत्र न्यायालय (सेशन कोर्ट) में निगरानी याचिका (रिवीजन) दाखिल की है। इसमें साक्ष्य के तौर पर वाइस सैंपल लेने की उनकी मांग खारिज कर दी गई थी। यह निगरानी याचिका वर्तमान में एडीजे पंचम की अदालत में विचाराधीन है। 30 जून को इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने 15 जुलाई को फैसले की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान की जमा की गई सीडी की आवाज और उनकी वास्तविक आवाज का विधि विज्ञान प्रयोगशाला से मिलान करवाने का अनुरोध किया था।
निचली अदालत ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया था, जिसके बाद विजय मिश्रा के अधिवक्ता ने एडीजे-5 की कोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की थी। यह मामला लगभग 8 साल पुराना है। 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस में तत्कालीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक बयान दिया था। इसी बयान से आहत होकर सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दीवानी न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था।
कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए मुकदमा चलाने का आदेश दिया। राहुल गांधी ने इस मामले में 20 फरवरी 2024 को अपनी जमानत करवाई थी और 26 जुलाई 2024 को अपना बयान भी दर्ज करा चुके हैं। आखिरी बार राहुल 20 फरवरी 2026 को कोर्ट आए थे।
