
सतना । मध्य प्रदेश की मंत्री प्रतिमा बागरी से जुड़े जाति विवाद के मामले में प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। मामले में संबंधित गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों से दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जा रही हैं, ताकि उपलब्ध दस्तावेजों और स्थानीय साक्ष्यों के आधार पर तथ्यों का सत्यापन किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि उनका समाज अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से संबंधित है। कई ग्रामीणों ने दावा किया कि उनके पूर्वज भी स्वयं को इसी समुदाय का बताते थे और गांव के पुराने रिकॉर्ड व परंपरागत जानकारी भी इसी ओर संकेत करती है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि वे स्वयं को राजपूत नहीं मानते हैं।
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच नियमानुसार की जा रही है। मुनादी के माध्यम से स्थानीय लोगों से लिखित दावे और आपत्तियां ली जा रही हैं, ताकि सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिल सके। इसके बाद उपलब्ध दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
