मनरेगा का नाम बदलकर गुमराह कर रही मप्र सरकार, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा रोजगार: कुणाल चौधरी

भोपाल। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने रविवार को मध्यप्रदेश सरकार पर ग्रामीण रोजगार और किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार मनरेगा का नाम बदलकर लोगों को गुमराह कर रही है, जबकि ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रही है।

भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कुणाल चौधरी ने कहा कि सरकार ने संशोधित योजना के तहत 125 दिन रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन पिछले एक दशक में अधिकांश पंजीकृत श्रमिकों को कानून के अनुसार 100 दिन का रोजगार भी नहीं मिल सका। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार प्रदेश के 52 जिलों में एक प्रतिशत से भी कम पंजीकृत श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार मिला। उन्होंने कोविड-19 काल के दौरान लाखों जॉब कार्ड हटाए जाने का भी आरोप लगाया।

कृषि क्षेत्र का मुद्दा उठाते हुए कुणाल चौधरी ने कहा कि प्रदेश में लगभग 20 लाख मीट्रिक टन मूंग उत्पादन के बावजूद केवल 4.5 लाख मीट्रिक टन की ही सरकारी खरीद की अनुमति दी गई, जिससे किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल सका। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 100 प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करने की मांग करते हुए भाजपा सरकार पर किसान और श्रमिक विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।

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