उज्जैन: बहुप्रतीक्षित फ्रीगंज ओवरब्रिज अब धरातल से ऊपर उठकर अपने वास्तविक स्वरूप में दिखाई देने लगा है. चामुंडा माता चौराहे से नगर वन की ओर से शुरू हुआ निर्माण कार्य अब फ्रीगंज क्षेत्र स्थित ग्रांट होटल की दिशा तक पहुंच चुका है. सिंहस्थ-2028 से पहले ब्रिज निर्माण पूरा होगा.
फ्रीगंज ओवरब्रिज की मांग कोई नई नहीं है. वर्ष 1992 और 2004 के सिंहस्थ के दौरान भी इस पुल के निर्माण की आवश्यकता प्रमुखता से उठाई गई थी. वर्ष 2016 के सिंहस्थ में भी इस परियोजना को आवश्यक माना गया था, विभिन्न कारणों से इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका.
डॉ यादव ने संभाला मोर्चा
उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव ने इस परियोजना की फाइल को मंत्रालय स्तर पर तेजी से आगे बढ़ाया और विभिन्न प्रशासनिक व तकनीकी बाधाओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने दिसंबर 2024 में इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का भूमिपूजन किया, जिसके तुरंत बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया.
633 मीटर लंबा और 21.40 मीटर चौड़ा
करीब 91 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहा यह नया फोरलेन ओवरब्रिज 633 मीटर लंबा और 21.40 मीटर चौड़ा होगा. यह पुल वर्तमान फ्रीगंज ओवरब्रिज के समीप बनाया जा रहा है और चामुंडा माता चौराहे से फ्रीगंज क्षेत्र को जोड़ेगा. नया पुल वर्तमान संरचना की तुलना में लगभग 6 फीट ऊंचा होगा, जिससे यातायात संचालन अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगा.
अंग्रेजों ने बनवाया था पुल
वर्तमान फ्रीगंज पुल का निर्माण अंग्रेजी शासनकाल में वर्ष 1945 में आर्च शैली में किया गया था. लगभग 800 मीटर लंबे और 14 मीटर चौड़े इस पुल ने दशकों तक नए और पुराने शहर के बीच मुख्य संपर्क मार्ग के रूप में कार्य किया, लेकिन बढ़ती आबादी और यातायात दबाव के कारण यह अब अपर्याप्त साबित हो रहा था.
गुजराती कंपनी कर रही निर्माण
निर्माण एजेंसी के रूप में गुजरात की चेतन कंस्ट्रक्शन को जिम्मेदारी सौंपी गई है. कंपनी द्वारा निर्माण स्थल पर कार्यालय और प्लांट स्थापित कर कार्य को गति दी जा रही है. निर्माण में बाधा बन रहे पुराने रेलवे फुटओवर ब्रिज को हटाया जा चुका है. पिलर और फाउंडेशन निर्माण के बाद अब विभिन्न हिस्सों में स्लैब डालने का कार्य भी प्रारंभ हो गया है, जिससे पुल का वास्तविक स्वरूप सामने आने लगा है.
सुर्खियां बटोरने वाला पुल
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में लगभग 22 पुलों का निर्माण और उन्नयन कार्य चल रहा है, बावजूद फ्रीगंज ओवरब्रिज सबसे अधिक चर्चा और महत्व वाली परियोजना माना जा रहा है. वर्ष 2028 में अनुमानित 50 करोड़ श्रद्धालुओं, साधु-संतों, पर्यटकों और अतिथियों के आगमन को देखते हुए यह पुल नए और पुराने शहर के बीच यातायात का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा.
दबाव कम होगा
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने नवभारत से चर्चा में बताया कि शहर में होने वाले धार्मिक आयोजन, शोभायात्राएं, रैलियां और उत्सवों के दौरान अक्सर फ्रीगंज क्षेत्र में यातायात बाधित होता रहा है. नया ओवरब्रिज बनने के बाद ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. साथ ही स्थानीय रहवासियों, व्यापारियों, वाहन चालकों और कुम्भ मे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा.
