नयी दिल्ली, 04 जुलाई (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र और पीतमपुरा में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया तथा कई सार्वजनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। श्रीमती गुप्ता ने इस दौरान पार्कों के सौंदर्यीकरण, जल निकासी व्यवस्था, सीवरेज प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई ढांचे और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत पीतमपुरा स्थित बीडी-एफडी पार्क में विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों के लोकार्पण से की। इस दौरान पार्क में लगाए गए 93 नए इलेक्ट्रिक पोल और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था का भी शुभारंभ किया गया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के पार्कों को अधिक सुरक्षित, सुंदर और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम कर रही है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने शालीमार बाग क्षेत्र में वर्षा जल निकासी और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें डीटी मॉल से सीए ब्लॉक तक प्रीकास्ट ड्रेनेज सिस्टम, सीए ब्लॉक से शालीमार विलेज चौक अंडरपास, आरयूबी से जीटी करनाल रोड (आजादपुर मंडी गेट) तथा शालीमार चौक से डीए ब्लॉक तक आधुनिक जल निकासी प्रणाली का निर्माण शामिल है। इसके अलावा शालीमार गांव, सहीपुर गांव और आसपास के क्षेत्रों की सीवरेज समस्या के स्थायी समाधान के लिए अतिरिक्त सीवेज पंपिंग स्टेशन और डिलीवरी लाइन का भी उद्घाटन किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार जलभराव और सीवरेज की समस्याओं से स्थायी राहत दिलाने के लिए आधुनिक और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा विकसित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मॉनसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी परियोजनाओं का प्रभावी संचालन और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाये। मुख्यमंत्री ने सिंघलपुर स्थित मुनक नहर का भी निरीक्षण किया और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों से जल प्रवाह, रखरखाव और सफाई व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने नहरों और जल स्रोतों के संरक्षण तथा नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने डीएसईयू कस्तूरबा, पीतमपुरा परिसर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण सुविधाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार युवाओं को रोजगारोन्मुख और आधुनिक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार निवेश कर रही है, ताकि उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बेहतर अवसर मिल सकें।

