नई दिल्ली 4 जुलाई (वार्ता) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने खिलौना उद्योग को आश्वासन दिया है कि सरकार उनकी मदद के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), नेशनल टेस्ट हाउस तथा अन्य सरकारी एवं अर्ध-सरकारी प्रयोगशालाओं के माध्यम से देशभर के खिलौना विनिर्माण क्लस्टरों में आधुनिक परीक्षण सुविधाएँ स्थापित करेगी। श्री गोयल ने उद्योग जगत से अनुरोध किया कि वे आवश्यक परीक्षण उपकरणों की सूची उपलब्ध कराएँ, ताकि देश में उच्चस्तरीय परीक्षण सुविधाएं स्थापित और संचालित की जा सकें तथा देश में बने खिलौने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों के लिए सर्वोच्च गुणवत्ता मानकों को पूरा कर सकें।
वाणिज्य मंत्री शनिवार को राजधानी में खिलौना विनिर्मातओं के संघ – टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टाई) की 17वीं टॉय बिज़ इंटरनेशनल बी2बी प्रदर्शनी के दौरान आयोजित एक सत्र को संबोधित कर रहे थे। श्री गोयल ने कहा कि सरकार की ओर से निरंतर नीतिगत सहायता और उद्योग द्वारा किए गए नवाचारों के कारण भारतीय खिलौना उद्योग ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। पिछले चार वर्षों में खिलौनों के निर्यात में 239 प्रतिशत वृद्धि और आयात में 32 प्रतिशत की कमी का उल्लेख करते हुए वाणिज्य मंत्री ने इस उद्योग से इस गति को बनाए रखते हुए आगामी वर्षों में दस गुना वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पहले भारतीय खिलौना बाजार का केवल 12 प्रतिशत हिस्सा घरेलू उत्पादों से पूरा होता था, जबकि आज लगभग 18,000 करोड़ रुपये के बाजार में आयात घटकर केवल 2,500–3,000 करोड़ रुपये रह गया है और शेष मांग भारतीय निर्माता पूरी कर रहे हैं। उन्होंने गुणवत्ता में हुए सुधार की सराहना करते हुए उद्योग को निरंतर सुधार जारी रखने का संदेश दिया। टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया से उन्होंने नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि वर्तमान में उसके लगभग 1,200 सदस्य हैं, जबकि देश में लगभग 21,000 खिलौना निर्माता कार्यरत हैं। उन्होंने सभी निर्माताओं को एक साझा मंच पर लाने की अपील की।
श्री गोयल ने उत्पादों की गुणवत्ता, सामग्री, फिनिशिंग और निर्माण मानकों में निरंतर सुधार पर बल दिया। इसी संदर्भ में उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले पेंट, बेहतर फिनिशिंग, सुरक्षित किनारों और टिकाऊ उत्पादों की आवश्यकता बताते हुए उद्योग से आवश्यक परीक्षण उपकरणों की सूची तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने बैच-वार टिकाऊपन, पेंट गुणवत्ता, फिनिशिंग तथा बैटरी चालित और इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के परीक्षण की व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे प्रमाणित उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के माध्यम से भारतीय ब्रांड वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बना सकें।
उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ के 11 वर्षों में खिलौना उद्योग को व्यापक सहयोग मिला है। वर्ष 2020 में शुरू की गई राष्ट्रीय खिलौना कार्ययोजनाने उद्योग के विकास के लिए स्पष्ट रोडमैप प्रदान किया। उन्होंने बताया कि देशभर में 50 से अधिक खिलौना क्लस्टर स्थापित किए जा चुके हैं तथा लगभग 21,000 एमएसएमई इकाइयाँ इस क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। इस प्रदर्शनी में 400 से अधिक ‘मेड इन इंडिया’ खिलौना ब्रांड, 15,000 से अधिक व्यापारिक आगंतुक, 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि तथा खिलौना उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया।

