
सिंग्रामपुर/दमोह। गुरुवार-शुक्रवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने सिंग्रामपुर सहित आसपास के कई गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए और गांव के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई.नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से बारिश का पानी घरों, स्कूलों, सोसाइटी परिसर, बालक छात्रावास और सार्वजनिक स्थानों में घुस गया.कई घरों में पानी भरने से लोग परेशान नजर आए, जबकि बच्चे पानी से भरी गलियों में खेलते दिखाई दिए।सबसे अधिक परेशानी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में देखने को मिली। स्कूल परिसर और मैदान में घुटनों तक पानी भर जाने से छोटे-छोटे बच्चों को कक्षाओं तक पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के चार महीनों तक हर वर्ष यही स्थिति बनी रहती है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं किए जाते।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत द्वारा वर्षों से नालियों की सफाई नहीं कराई गई है। जगह-जगह नालियां कचरे से भरी हुई हैं, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो जाती है। परिणामस्वरूप बारिश का पानी सीधे घरों और सार्वजनिक भवनों में घुस जाता है।ग्रामवासी प्रभु पटेल ने बताया कि उनके वार्ड सहित पूरे गांव में कई वर्षों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। नालियां कूड़ा-कचरे से अडे पड़ी हैं और पंचायत प्रतिनिधि समस्या का जायजा लेने तक नहीं आते। उन्होंने बताया कि खेरमाई मंदिर के पास मुख्य नाली चोक होने से पानी की निकासी बंद हो गई है, जिससे आसपास के घरों में पानी भर गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
*नालियों पर अतिक्रमण भी बना बड़ी समस्या*
ग्रामीणों के अनुसार जलभराव का एक बड़ा कारण नालियों पर किया गया अतिक्रमण भी है। कई स्थानों पर लोगों ने मुख्य नालियों के ऊपर स्लैब और अन्य निर्माण कर दिए हैं, जिससे पानी का प्रवाह रुक गया है। वर्षों से सफाई नहीं होने और अतिक्रमण के कारण हर बारिश में गांव जलभराव की चपेट में आ जाता है।
*ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग*
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सभी नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए, अतिक्रमण हटाकर पानी निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा स्कूल परिसर और निचले इलाकों में जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान किया जाए, ताकि बरसात के मौसम में लोगों और स्कूली बच्चों को राहत मिल सके।
