भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सांदीपनि विद्यालय योजना की शुरुआत कई चुनौतियों के बीच हुई है। सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में सत्र के पहले ही दिन से शिक्षकों की कमी, पाठ्यपुस्तकों की अनुपलब्धता और भवन संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं।
भोपाल सहित प्रदेश के कई स्कूलों में छात्रों को सभी विषयों की किताबें अभी तक नहीं मिल सकी हैं। कई जगह पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अंग्रेजी माध्यम की उम्मीद में निजी स्कूल छोड़कर आए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में भी चिंता बढ़ने लगी है।
कुछ स्कूलों में भवन की समस्या के कारण दो पालियों में कक्षाएं चलाने की तैयारी की जा रही है, जिससे शिक्षण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। शिक्षकों का कहना है कि पर्याप्त संसाधनों और स्टाफ के बिना गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा देना मुश्किल हो रहा है।
हालांकि, जिला शिक्षा विभाग का कहना है कि उपलब्ध किताबों का वितरण किया जा चुका है और बाकी पाठ्यपुस्तकें भी जल्द स्कूलों तक पहुंचा दी जाएंगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन कमियों को कितनी जल्दी दूर कर पाती है, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो और योजना अपने उद्देश्य पर खरी उतर सके।
