
ग्वालियर। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. ग्वालियर एमपी एमएलए कोर्ट ने जीतू पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. पटवारी के खिलाफ गिरफ़्तारी वारंट भिंड के बीएसपी नेता देवाशीष जरारिया पर लगाए गए आरोपों के बाद दर्ज केस में जारी किया गया है. कोर्ट ने भिंड पुलिस को भी फटकार लगायी है.
*बीएसपी नेता ने दर्ज कराया था केस*
लोकसभा चुनाव के दौरान भिंड के ऊमरी में कांग्रेस प्रत्याशी फूलसिंह बरैया के समर्थन में 27 अप्रैल 2024 को चुनावी सभा हुई थी. सभा को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने बीएसपी प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए बीजेपी से साठगांठ कर लेनदेन के गंभीर आरोप लगाये थे. इसके बाद जीतू पटवारी के ख़िलाफ़ बसपा नेता अशोक गुप्ता ने 4 मई 2024 को ऊमरी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करायी थी.
*जमानती वारंट को नजरअंदाज किया*
बाद में ये मामला एमपी एमएलए कोर्ट में पहुंचा. जून 2024 को चार्टशीट पेश होने के बाद एमपी एमएलए कोर्ट ने जीतू पटवारी को समन भेजा. नवंबर 2024 में कोर्ट द्वारा जमानती वारंट भी भेजा गया लेकिन लगातार जीतू पटवारी द्वारा इसे नजरअंदाज किया गया. पुलिस की ओर से आरोपी के बाहर होने की बात कह समान लौटाए जाते रहे. जनवरी 2026 को एमपी एमएलए कोर्ट ने जीतू पटवारी को कोर्ट में तलब किया लेकिन वे फिर भी नहीं आए.
*भिंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी*
जिला अभियोजन अधिकारी मनोज जैन के मुताबिक एमपीएमएलए कोर्ट में सुनवाई के दौरान जीतू पटवारी की लगातार ग़ैरहाजिरी और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल किए. भिंड पुलिस की ओर से कोर्ट को बताया गया जीतू पटवारी का अब तक पता नहीं चल सका है. वे इंदौर से बाहर हैं. इस पर कोर्ट ने भिंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा “जीतू पटवारी पूरे प्रदेश में घूम रहे है, उनके बयान अखबारों और टीवी में प्रकाशित व प्रसारित हो रहे हैं. लेकिन पुलिस को नहीं मिल रहे हैं, ऐसा लगता है कि पुलिस आरोपी को संरक्षण दे रही है.”
*कोर्ट ने भिंड एसपी को दिया अल्टीमेटम*
कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए भिंड पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया है कि वे ख़ुद स्पेशल टीम बनाकर कर जीतू पटवारी का गिरफ्तारी वारंट तामील कराएं और अगली पेशी में कोर्ट में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करायें. अब इस मामले में अगली सुनवाई आने वाली 27 जुलाई को होगी.
