नई दिल्ली | जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची आज अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच रही हैं। पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है, जो 16वें इंडिया-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के साथ शुरू होगा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान निवेश, नवाचार और रणनीतिक साझेदारी पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी।
आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर जोर
इस दौरे के दौरान सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) की आपूर्ति श्रृंखला और रक्षा तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर मुख्य ध्यान केंद्रित रहेगा। प्रधानमंत्री ताकाइची इंडिया-जापान बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगी, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े समझौतों की घोषणा संभव है। विशेष रूप से ओडिशा में ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट और बायोगैस क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा और नवाचार को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।
रणनीतिक साझेदारी और इंडो-पैसिफिक विजन
यह दौरा भारत और जापान की ‘स्पेशल स्ट्रेटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप’ को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वार्ता में समुद्री सुरक्षा, डिफेंस तकनीक और पूर्वोत्तर भारत में इंडस्ट्रियल वैल्यू चेन विकसित करने जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, दोनों देश ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ (FOIP) विजन को आगे बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करने के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराएंगे।

