सतना: रामपुर बाघेलान जनपद पंचायत अध्यक्ष रावेन्द्र सिंह छोटू के खिलाफ कांग्रेस समर्थित अविश्वास प्रस्ताव एक बार फिर सफल नहीं हो सका। हस्ताक्षर सत्यापन की प्रक्रिया में आवश्यक संख्या में सदस्यों की उपस्थिति नहीं होने पर कलेक्टर एवं विहित प्राधिकारी ने प्रस्ताव को निरस्त कर दिया।पिछले एक वर्ष में यह दूसरा मौका है जब अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 जून 2026 को जनपद पंचायत के 10 निर्वाचित सदस्यों ने अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव की सूचना कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत की थी। मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 तथा पंचायत नियम, 1994 के तहत सूचना की ग्राह्यता के लिए सदस्यों के हस्ताक्षरों का सत्यापन कराया गया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रामपुर बाघेलान द्वारा 29 जून को सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इस दौरान प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले 10 सदस्यों में से केवल सात उपस्थित रहे।
कलेक्टर के आदेश के अनुसार, जनपद पंचायत रामपुर बाघेलान में कुल 25 निर्वाचित सदस्य हैं। नियमों के मुताबिक अविश्वास प्रस्ताव की सूचना पर कम से कम कुल निर्वाचित सदस्यों के एक-तिहाई सदस्यों के हस्ताक्षरों का सत्यापन आवश्यक था। सत्यापन के समय केवल सात सदस्य उपस्थित पाए गए, जो निर्धारित संख्या से कम थे। इसी आधार पर प्रस्ताव की ग्राह्यता स्वीकार नहीं की गई और प्रकरण समाप्त कर अभिलेखागार में दर्ज करने के आदेश जारी किए गए।
सदस्यों ने की सांसद से मुलाकात
प्रस्ताव निरस्त होने के बाद सतना सांसद गणेश सिंह से जनपद सदस्यों ने मुलाकात की। इस दौरान सांसद नेकहा कि भाजपा की नीति सबका साथ, सबका विश्वास की है और पार्टी सभी जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विकास कार्यों में बाधा डालने के उद्देश्य से बार-बार अविश्वास प्रस्ताव ला रही है, जबकि जनता का विश्वास वह स्वयं खो चुकी है।
कांग्रेस सदस्यों को कर रही गुमराह
जनपद पंचायत अध्यक्ष रावेन्द्र सिंह छोटू ने कहा कि कांग्रेस फर्जी और निराधार आधारों पर बार-बार अविश्वास प्रस्ताव लाकर जनता और जनप्रतिनिधियों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जनपद पंचायत में सभी सदस्यों को साथ लेकर विकास कार्य कराए जा रहे हैं और क्षेत्र की प्रगति से विपक्ष परेशान है।
