
छिंदवाड़ा। जमीनी विवाद के एक मामले में किसान की मौत के बाद उसके शव को थाना नवेगांव के समक्ष रखकर ग्राम वासियों ने मंगलवार को जमकर प्रदर्शन किया। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। दरअसल सुखराम पिता नान्हा यदुवंशी 48 साल बोरदेई गांव का रहने वाला है। वह खेती किसानी का काम करता था। उसका उसके चचेरे भाई प्रीतम, कमलेष, अखलेष नरेश और ममता से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 12 जून को आरआई और पटवारी सीमांकन करने पहुंचे थे। इस दौरान सुखराम ने फसल लगी होने के कारण सीमाकंन करने से इंकार कर दिया। आरआई, पटवारी सहित राजस्व अमला लौट गया। इसके बाद 4 बजे करीब चचेरे भाईयों ने सुखराम पर लाठी और राड से हमला कर दिया। इस हमले में सुखराम गंभीर रूप से जख्मी हो गया। जब परिवार की महिलाएं बचाने पहुंची तो इन चचेरे भाइयों ने महिलाओं पर भी हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुखराम को जिला अस्पताल लाया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे नागपुर रेफर कर दिया। नागपुर में इलाज के दौरान रुपए खत्म होने के कारण 20 जून को वापस जिला अस्पताल लेकर आ गए। जहां 22 जून की शाम 4.30 बजे दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों ने की गिरफ्तारी की मांग ००००
सुखराम की मौत होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आज नवेगांव थाने के सामने शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया. परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं. न्याय की मांग और प्रशासन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन थाने पहुंचे. प्रदर्शन के दौरान थाने के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पड़े और मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा.
प्रशासन ने दिया आश्वासन ००००
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की. अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है. पुलिस ने जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने का वादा किया है.
