युगांडा के सेना प्रमुख के आदेश पर देश के सबसे बड़े मीडिया समूह की घेराबंदी

कंपाला, 28 जून (वार्ता) युगांडा के सबसे बड़े मीडिया समूह ‘नेशन मीडिया ग्रुप’ को देश के सेना प्रमुख और राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के बेटे जनरल मुहूजी काइनेरुगाबा के आदेश पर बंद कर दिया गया है। मीडिया समूह ने इसे ‘सैन्य घेराबंदी’ करार दिया है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी अफ्रीका के इस सबसे प्रभावशाली मीडिया घराने के प्रमुख अखबार ‘डेली मॉनिटर’ ने बताया कि राजधानी कंपाला में उसके मुख्यालय के बाहर हथियारबंद सैनिक तैनात कर दिये गये हैं। इसके साथ ही समूह के ‘एनटीवी’ और ‘स्पार्क टीवी’ का प्रसारण भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई किस वजह से की गई है, यह अभी पूरी तरह साफ नहीं है। लेकिन सेना प्रमुख जनरल मुहूजी काइनेरुगाबा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं स्वतंत्र प्रेस में विश्वास नहीं रखता! प्रेस को क्रांतिकारियों द्वारा निर्देशित किया जाना चाहिए।” जनरल मुहूजी ने लिखा कि उनके पिता ने उन्हें ‘किसी भी मीडिया हाउस को बंद करने की शक्ति’ दी है और उनकी अनुमति के बिना ये चैनल और अखबार दोबारा नहीं खुलेंगे।

विपक्ष और मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है। उनका आरोप है कि जनरल मुहूजी अपने पिता के नेतृत्व वाले दमनकारी शासन के मुख्य चेहरा हैं। गौरतलब है कि 81 वर्षीय राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी पिछले 40 वर्षों से सत्ता में हैं। हाल ही में जनवरी में हुए विवादित चुनावों में उन्होंने सातवीं बार जीत हासिल की है। यह भी माना जा रहा है कि वह अपने बेटे को उत्तराधिकारी के रूप में तैयार कर रहे हैं। ‘डेली मॉनिटर’ ने बताया कि रविवार की तड़के यह कार्रवाई की गयी। मुख्यालय में तैनात कर्मचारियों को न तो बाहर जाने दिया जा रहा है और न ही किसी को अंदर आने की अनुमति है। इससे पहले साल 2013 और 2007 में भी इस मीडिया समूह पर सरकारी दमन की कार्रवाई की जा चुकी है, जब राष्ट्रपति ने ‘डेली मॉनिटर’ को ‘दुश्मन और दुष्ट अखबार’ कहा था। जनवरी में हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने युगांडा सरकार की आलोचना की थी और कहा था कि पूरा चुनाव विपक्ष के व्यापक दमन और डराने-धमकाने के माहौल में कराया गया था।

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