तेहरान/बगदाद (वार्ता) ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की जिम्मेदारी पूरी तरह इस्लामी गणराज्य ईरान की है। उन्होंने सभी पक्षों से आग्रह किया कि अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत इस सामरिक जलमार्ग के प्रबंधन में ईरान की व्यवस्था में कोई हस्तक्षेप न करें।
श्री अराघची ने बगदाद में इराक के विदेश मंत्री फुआद हुसैन के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “समझौता ज्ञापन के अनुसार, इस्लामी गणराज्य ईरान द्वारा बाधाओं को हटाए जाने के बाद ईरान के प्रबंधन में होर्मुज जलडमरूमध्य 30 दिनों के भीतर युद्ध-पूर्व क्षमता के साथ फिर से संचालित होगा।” होर्मुज जलडमरूमध्य में पिछले दो दिनों के दौरान हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अन्य पक्षों को जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए ईरान द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिये। उन्होंने कहा, “मैं सभी पक्षों से अनुरोध करता हूं कि होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन तथा इसे फिर से खोलने के लिए इस्लामी गणराज्य ईरान द्वारा अपनाई गई व्यवस्थाओं में हस्तक्षेप न करें, हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन का पालन करें और इस समझौते को अपने निर्धारित मार्ग से भटकने न दें।”
श्री अराघची ने बगदाद में मेजबानी के लिए अपने इराकी समकक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों विदेश मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक बातचीत हुई। उन्होंने ईरान और इराक के संबंधों को रणनीतिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वरिष्ठ इराकी अधिकारियों के साथ अपनी बैठकों में उन्होंने इस साझेदारी को और मजबूत करने के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई। श्री अराघची ने यह भी कहा कि समझौता ज्ञापन की पहली धारा के अनुसार लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त होना चाहिये। श्री अराघची ने युद्ध के दौरान और उसके बाद की घटनाओं में “ईरानी जनता के वीरतापूर्ण प्रतिरोध” की भी सराहना की। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि इजरायली शासन ने अपने हमले जारी रखे। उन्होंने कहा कि समझौता ज्ञापन के तहत स्वयं तथा इजरायल की ओर से स्वीकार की गई प्रतिबद्धताओं के अनुसार इन हमलों को रोकना, लेबनान में युद्ध समाप्त कराना तथा समझौते के अनुरूप कब्जे वाले क्षेत्रों से वापसी सुनिश्चित करना अमेरिका की जिम्मेदारी है। श्री अराघची एक राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल के साथ शनिवार को इराक की राजधानी बगदाद पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियान के शहीद कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल कासिम सुलेमानी तथा इराकी प्रतिरोध के शहीद कमांडर अबू महदी अल-मुहंदिस को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी यात्रा के एजेंडे में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैयद अली खामेनेई के जनाज़े से संबंधित विभिन्न इराकी शहरों में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा भी शामिल है।

