वाशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों को कड़ी चेतावनी दी है जो अमेरिकी तकनीकी कंपनियों पर डिजिटल सेवा कर लागू कर रहे हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी देश ऐसा नया कर लागू करता है, तो अमेरिका उन देशों से आयातित सभी सामानों पर तत्काल प्रभाव से 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा देगा। यह कदम अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक तनाव को एक नए और खतरनाक स्तर पर ले गया है, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंकाएं गहरा गई हैं।
यूरोपीय देशों और फ्रांस के साथ विवाद
इस व्यापारिक गतिरोध के केंद्र में मुख्य रूप से फ्रांस है, जिसने अमेरिकी टेक कंपनियों पर डिजिटल कर लगाया है। फ्रांस का तर्क है कि वे अपने देश में राजस्व बढ़ाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं, जबकि ट्रंप प्रशासन इसे अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ एक भेदभावपूर्ण कार्रवाई मान रहा है। पिछले समझौतों के बावजूद, यूरोपीय संघ की लंबी विधायी प्रक्रिया और फ्रांस द्वारा कर की दरों में संभावित वृद्धि के कारण अमेरिका और यूरोप के बीच संबंधों में कटुता बढ़ती जा रही है।
व्यापारिक युद्ध और भविष्य का असर
अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ये डिजिटल कर विशेष रूप से अमेरिकी दिग्गजों को निशाना बनाते हैं, जिनका वैश्विक डिजिटल क्षेत्र में वर्चस्व है। इससे पहले, अमेरिका ने फ्रांसीसी वाइन और अन्य उत्पादों पर भारी शुल्क लगाने की चेतावनी दी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह नई चेतावनी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत गंभीर है। यदि यह विवाद बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है, जिससे दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

