वॉशिंगटन/नई दिल्ली | अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने एक साक्षात्कार में संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत का आधिकारिक दौरा कर सकते हैं। रुबियो ने कहा कि ट्रंप प्रशासन इस महत्वपूर्ण यात्रा की रूपरेखा तैयार करने में जुटा है और वे खुद भी साल के अंत तक तैयारियों का जायजा लेने के लिए भारत आ सकते हैं। यह संभावित दौरा दोनों देशों के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मजबूत होते भारत-अमेरिका कूटनीतिक संबंध
जी-7 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की सफल मुलाकात के बाद से दोनों देशों के संबंधों में नई ऊर्जा आई है। रुबियो ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका एक महत्वपूर्ण ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए अत्यंत सकारात्मक साबित होगा। इसके अलावा, क्वाड देशों के नेताओं की आगामी बैठक और रक्षा, तकनीक तथा समुद्री सुरक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना दोनों देशों की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
वैश्विक साझेदारी का नया अध्याय
भारत को अमेरिका का सबसे करीबी सहयोगी बताते हुए विदेश सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच का व्यक्तिगत तालमेल कूटनीति में एक मिसाल है। राष्ट्रपति ट्रंप का पिछली बार फरवरी 2020 में भारत दौरा हुआ था, जो बेहद सफल रहा था। अब दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद, दोनों शीर्ष नेताओं के बीच नियमित संवाद जारी है। यह भविष्य का दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देगा, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा।

