वाशिंगटन, 26 जून (वार्ता) अमेरिका ने वांडा की एक बड़ी गोल्ड रिफाइनरी और उसके दो अधिकारियों पर कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) से खनिजों के तस्करी के आरोप में कड़े प्रतिबंध लगा दिया है।
अमेरिका ने इन पर डीआरसी के पूर्वी हिस्से से अवैध रूप से लाए जाने वाले ‘विवादित खनिजों’ की तस्करी में शामिल होने और रवांडा समर्थित सशस्त्र समूह ‘एम23’ की मदद करने वाले नेटवर्क का हिस्सा होने का आरोप लगाया है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बताया कि ‘गासाबो गोल्ड रिफाइनरी लिमिटेड’ ने विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों से अवैध सोना साफ करने के लिए रवांडा में लाने में ‘रवांडा सरकार के अधिकारियों और एम23 विद्रोहियों के लिए एक मुख्य भागीदार’ के रूप में काम किया है।
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, “अमेरिका ऐसे किसी भी अवैध समूह को गैर-कानूनी तरीके से खनिजों के व्यापार से मुनाफा कमाने और इस क्षेत्र की शांति को बिगाड़ने की इजाजत नहीं देगा।” उन्होंने कहा कि डीआरसी के खनिज संसाधनों पर वहां की जनता का ही असली हक है।
अधिकारियों के अनुसार, पूर्वी कांगो में सक्रिय सशस्त्र संगठन एम23 बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन करता रहा है। यह समूह अपनी गतिविधियों और हथियारों का खर्च चलाने के लिए सोना और कोल्टन जैसे कीमती खनिजों की तस्करी और उनके अवैध व्यापार पर नियंत्रण से होने वाली कमाई का इस्तेमाल करता है। कोल्टन एक ऐसा खनिज है जिसका इस्तेमाल मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान बनाने में किया जाता है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक, दक्षिण कीवू में एम23 के कब्जे वाले इलाकों से निकाले गए खनिजों को हथियारों के साए में रवांडा ले जाया जाता था, जहां इस रिफाइनरी में उन्हें साफ किया जाता था। विभाग ने खुलासा किया कि केवल साल 2026 की शुरुआत में ही इस गैर-कानूनी तरीके से कम से कम 60 किलोग्राम सोना इधर से उधर किया गया है। इन प्रतिबंधों के दायरे में गासाबो गोल्ड के अध्यक्ष जीन मैलिक कलिमा और महाप्रबंधक बोस्को कायोबोत्सी भी आये हैं। साथ ही कलिमा के नियंत्रण वाली कुछ अन्य माइनिंग कंपनियों पर भी इस तस्करी नेटवर्क में शामिल होने के आरोप में कार्रवाई की गयी है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस नेटवर्क पर कार्रवाई करना पूर्वी कांगो में अवैध खनिजों के व्यापार को रोकने के बड़े प्रयासों का एक हिस्सा है। इस क्षेत्र में लंबे समय से सशस्त्र समूह खनिज संपदा से भरपूर इलाकों पर कब्जे के लिए हिंसा फैला रहे हैं।
अमेरिका ने इस बात पर भी चिंता जताई कि विवादित और युद्ध वाले इलाकों से निकाले जाने वाले खनिज अंतरराष्ट्रीय बाजारों और बड़े रिफाइनिंग केंद्रों तक पहुंचने से पहले रवांडा के रास्ते अवैध रूप से भेजे जाते हैं।
अमेरिकी सरकार के आदेश के मुताबिक, इन प्रतिबंधित कंपनियों और अधिकारियों की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियों को पूरी तरह ‘फ्रीज’ कर दिया जायेगा। साथ ही कोई भी अमेरिकी नागरिक या संस्थान इनके साथ किसी भी तरह का लेन-देन या व्यापार नहीं कर सकेगा।
