
शुजालपुर, लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को मानसून ने शुजालपुर क्षेत्र में दमदार दस्तक दी. सुबह से दोपहर करीब 12 बजे तक तेज धूप और उमस ने लोगों को बेहाल रखा, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली. देखते ही देखते आसमान काले बादलों से घिर गया और तेज गर्जना के साथ करीब दो घंटे तक झमाझम बारिश हुई. मानसून की पहली जोरदार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली तथा मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया.
हालांकि इस बारिश के कारण रेलवे अंडरब्रिज में बड़ी मात्रा में पानी भर गया. दोपहर बाद स्थिति ऐसी हो गई कि अंडरब्रिज से आवागमन पूरी तरह बंद करना पड़ा. रेलवे फ ाटक बंद होने के दौरान हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. भारी वाहनों, बसों और दोपहिया चालकों को काफी देर तक जाम में फं सना पड़ा. इससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा. बारिश के चलते नगर की सडक़ों पर चहल-पहल कम हो गई. कई लोग बारिश का आनंद लेते नजर आए, वहीं बच्चों ने भी भीगकर मौसम का स्वागत किया. लगातार हुई वर्षा से तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई. अधिकतम तापमान घटकर करीब 32 से 33 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई. मानसून की अच्छी शुरुआत से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. क्षेत्र में अब तक करीब 40 प्रतिशत कृषि भूमि पर खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है. इनमें सर्वाधिक रकबा सोयाबीन का है. किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से बुवाई कार्य में तेजी आएगी और फसलों की अच्छी शुरुआत होगी.
जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल…
बारिश ने जहां मौसम खुशनुमा बना दिया, वहीं नगर की जल निकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी. कई निचले इलाकों में पानी भर गया. नालियों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सडक़ों पर बहता रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. महात्मा गांधी मार्ग पर पानी की टंकी के सामने सकरी नाली अधिक पानी का दबाव नहीं झेल सकी. इसके चलते नाली का गंदा पानी और कीचड़ सडक़ पर फैल गया. कई दुकानों के सामने बदबूदार कीचड़ जमा हो गया, जिससे दुकानदारों को ग्राहकों की आवाजाही में दिक्कत हुई और राहगीरों को भी परेशानी झेलनी पड़ी.
सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग…
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने नगर पालिका से वर्षा ऋ तु को देखते हुए नालियों की नियमित सफ ाई और जल निकासी व्यवस्था में सुधार की मांग की है. उनका कहना है कि मानसून की शुरुआत में ही यह स्थिति है, ऐसे में लगातार बारिश होने पर समस्या और गंभीर हो सकती है.
