
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश में जारी राजनीतिक विवाद को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही की मांग तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेशवासियों के नाम जारी खुले पत्र में कहा कि यह मामला अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि लोकतांत्रिक जवाबदेही की कसौटी बन चुका है।
पटवारी ने कहा कि एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद पूरे प्रदेश में इस विषय पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। विपक्ष तथ्यात्मक सवाल उठा रहा है, पत्रकार स्पष्टीकरण मांग रहे हैं और यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से कई मंत्री और पार्टी प्रतिनिधि लगातार सफाई दे रहे हैं, लेकिन जिस व्यक्ति से सीधे सवाल जुड़े हैं, उनकी ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के लिए राजनीतिक बयानबाजी से अधिक महत्वपूर्ण पारदर्शिता और प्रत्यक्ष जवाबदेही होती है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यदि समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी तथ्यहीन है तो सरकार को प्रमाण सहित सही तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए अथवा आवश्यक कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। केवल मंत्रियों और प्रवक्ताओं के माध्यम से खंडन करना जनता की शंकाओं का समाधान नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने किसी के निजी, सामाजिक अथवा पारिवारिक जीवन पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पार्टी केवल यह चाहती है कि सार्वजनिक पद पर आसीन व्यक्तियों से भी वही पारदर्शिता और जवाबदेही अपेक्षित हो, जिसकी मांग सरकार आम नागरिकों से करती है।
पटवारी ने कहा कि बार-बार यह कहना कि “सच्चाई सामने आ चुकी है” पर्याप्त नहीं है। यदि सभी आरोप निराधार हैं तो सरकार को दस्तावेजी प्रमाणों के साथ जनता के सामने आकर सभी प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही और खुला संवाद सुशासन की बुनियादी शर्त हैं तथा मध्यप्रदेश की जनता सार्वजनिक महत्व के इस विषय पर स्पष्ट उत्तर पाने की हकदार है।
