
सिंगरौली । ब्लॉक मुख्यालय देवसर के ग्राम नौढ़िया आबाद की आराजी क्रमांक 52 एवं 55 जो राजस्व अभिलेखों में कृषि उपज मंडी एवं गल्ला गोदाम के लिए आरक्षित दर्ज बताई जा रही है, उस पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों ने प्रशासन को शिकायत सौंपकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर शासन के मूल उद्देश्य के अनुरूप गल्ला मंडी एवं गोदाम निर्माण कराए जाने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि किसानों को कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण, उचित विपणन तथा व्यापारिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्षों पूर्व उक्त भूमि आरक्षित की गई थी। आरोप है कि वर्तमान में कुछ लोगों ने इस भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर निजी उपयोग शुरू कर दिया है। इससे न केवल शासन की योजना प्रभावित हो रही है, बल्कि क्षेत्र के किसानों को भी आवश्यक सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर आरक्षित भूमि को मुक्त कराने तथा किसानों के हित में गल्ला मंडी एवं गोदाम निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने की अपील की है।
भूमि का सीमांकन कराएं जाने की उठी मांग
ग्रामीणों का दावा है कि ग्राम पंचायत नौढ़िया के खाते में गल्ला मंडी एवं गोदाम निर्माण के लिए राशि उपलब्ध है, लेकिन आरक्षित भूमि पर कब्जे के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो स्वीकृत राशि वापस होने की आशंका है, जिससे किसानों के हितों से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना अधर में लटक सकती है। शिकायत में राजस्व विभाग से आराजी क्रमांक 52 एवं 55 का तत्काल सीमांकन कराने तथा जांच में यदि अवैध कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही शिव मंदिर परिसर सहित अन्य सार्वजनिक उपयोग की सरकारी भूमि को भी अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग दोहराई गई है। ग्रामीणों ने कुछ प्रभावशाली लोगों पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी अधिकारी अथवा व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
तहसीलदार के कार्यो से लोगों की बढ़ी उम्मीदे
ब्लॉक मुख्यालय देवसर के नौढ़िया पंचायत में स्थित शासकीय कृषि उपज मंडी एवं गल्ला गोदाम के लिए आरक्षित में बेजा कब्जा को लेकर लोगबाग मुखर होने लगे हैं। देवसर के कई आमजनों का कहना है कि तहसीलदार ऋषि नारायण सिंह के मौजूदा कार्यपद्धति से लोगों की उम्मीदे बढ़ गई हैं। बताया जाता है कि तहसीलदार के यहां जैसे ही शिकायते मिलती हैं, वे स्थल पर जाकर स्वयं निराकरण करते हैं और देवसर के क्षेत्र के कई भूमियों के आपसी विवादों का निराकरण कर लोगों के विश्वास को जीता भी है। अब इस कृषि उपज मंडी एवं गल्ला गोदाम के आरक्षित भूमि में बेजा कब्जा धारियों को हटाए जाने के साथ-साथ भूमि का सीमांकन कराए जाने का मांग शुरू हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस ओर तहसीलदार पर अतिक्रमण कारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उम्मीद पाल रहे हैं।
