उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन, विभिन्न देवालयों में पूजा-अर्चना और मोक्षदायिनी मां शिप्रा में स्नान के लिए उज्जैन पहुंचते हैं. बढ़ती भीड़ और लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में महाकाल मंदिर क्षेत्र में ऑटो और ई-रिक्शा के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है.
गुरुवार से लागू इस व्यवस्था के तहत हरिफाटक मार्ग से नीलकंठ द्वार तक, बेगमबाग से स्मार्ट पार्किंग मार्ग, गुदरी चौराहा से महाकाल घाटी, यादव धर्मशाला मार्ग तथा हरसिद्धि मंदिर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर ऑटो और ई-रिक्शा का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है. इन संकरे मार्गों पर अक्सर वाहनों की भीड़ के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को घंटों जाम में फंसना पड़ता था.
श्रद्धालुओं और शहरवासियों दोनों को लाभ
नई व्यवस्था से महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलेगी और उन्हें मंदिर तक अधिक सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा. वहीं स्थानीय रहवासियों को भी प्रतिदिन लगने वाले दो से तीन घंटे के ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलने की उम्मीद है. विशेष रूप से हरिफाटक से नीलकंठ द्वार तक का मार्ग अब अपेक्षाकृत जाममुक्त रहेगा।. ुलिस प्रशासन का मानना है कि इससे वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित होगी तथा श्रद्धालुओं को निर्बाध दर्शन का लाभ मिल सकेगा.
यूनियन को लिया भरोसे में
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि यह निर्णय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया था. इसके बाद पुलिस ने ऑटो यूनियन और ई-रिक्शा संगठनों के साथ बैठक कर उन्हें नई व्यवस्था की जानकारी दी. पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित क्षेत्रों के बाहर तक यात्रियों को लाने-ले जाने की व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन संकरे मार्गों में ऑटो और ई-रिक्शा का प्रवेश नहीं होगा. उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना प्राथमिकता है, ताकि उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को सकारात्मक अनुभव मिल सके और शहर की छवि भी बेहतर बने.
पुलिस के हाथ में तख्तीयाँ
गुरुवार को पुलिस बल पूरे दिन उन चौराहों और मार्गों पर तैनात रहा जहां प्रतिबंध लागू किया गया है. पुलिसकर्मियों ने सूचना तख्तियां लेकर वाहन चालकों को नई व्यवस्था समझाई और गांधीवादी तरीके से समझाइश देकर ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी.
जाम से मुक्ति
पहले दिन कई चालकों को इस व्यवस्था की जानकारी नहीं थी, पुलिस की समझाइश के बाद अधिकांश चालकों ने सहयोग किया. इसका परिणाम यह रहा कि महाकाल क्षेत्र में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अपेक्षाकृत कम जाम का सामना करना पड़ा.
नए पुलिस बल से ट्रैफिक को सहारा
उज्जैन पुलिस को नए महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी मिले हैं. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इनकी तैनाती विभिन्न थानों में की गई है. महाकाल थाना, नीलगंगा थाना सहित प्रमुख क्षेत्रों में अतिरिक्त बल उपलब्ध कराया गया है.
पुलिस थानों को भी मिलेगी राहत
धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक आयोजनों के दौरान अक्सर पुलिस बल की कमी महसूस होती थी, अब नए जवानों की तैनाती से थानों को राहत मिलेगी. साथ ही यातायात व्यवस्था संभालने में भी ट्रैफिक पुलिस को अतिरिक्त सहयोग प्राप्त होगा.
पुलिस प्रशासन का लक्ष्य
नवभारत से चर्चा में एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित करना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को महाकाल नगरी में बेहतर और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके
