भोपाल। मेट्रो के सिग्नलिंग सिस्टम की जांच के लिए कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम राजधानी में निरीक्षण कर रही है। इस दौरान एक महत्वपूर्ण तकनीकी परीक्षण किया गया, जिसमें पहली बार एक ही ट्रैक पर दो मेट्रो ट्रेनों को आमने-सामने लाकर सिस्टम की कार्यक्षमता और सुरक्षा मानकों को परखा गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, सुरक्षित दूरी और आपात स्थिति में सिग्नलिंग सिस्टम के प्रदर्शन की जांच की। यह परीक्षण भोपाल मेट्रो के सुभाष नगर से एम्स कॉरिडोर पर लगाए गए नए सिग्नलिंग सिस्टम का हिस्सा है, जिसे मेट्रो संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, सीएमआरएस की मंजूरी मिलने के बाद सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद मेट्रो दोनों ट्रैक पर संचालित हो सकेगी, ट्रेनों की संख्या और फ्रीक्वेंसी बढ़ेगी तथा यात्रियों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी।
अधिकारियों का कहना है कि नए सिस्टम के शुरू होने से भोपाल मेट्रो की संचालन क्षमता में बड़ा सुधार होगा और भविष्य में यात्रियों को अधिक सुविधाजनक एवं तेज सेवा मिल सकेगी। निरीक्षण और तकनीकी परीक्षण पूरा होने के बाद 26 जून से मेट्रो सेवाएं फिर सामान्य रूप से शुरू होने की संभावना है।
