भोपाल: नगर निगम के नवीन मुख्यालय अटल भवन में दरार आना शुरू हो गई. इसके निर्माण को पूरा हुए अभी तीन महीना ही हुआ है. वहीं अभी फर्नीचर का कार्य भी जारी है. जो यह दर्शाता है कि इस भवन का पूरा निर्माण कार्य हुआ ही नहीं है. और अभी से अंदर और बाहर दरार आना शुरू हो गई. इस भवन के निर्माण में 73 करोड़ रुपए की लागत आई. बरसात शुरू होने के बाद और कितनी दरार आएंगी. यह कुछ दिन बारिश होने के बाद ही सामने आएगा.
इधर, आयुक्त के कार्यालय में दरार
निगम आयुक्त का कार्यालय भवन की आठवीं मंजिल पर है. जो अभी शनिवार को ही शिफ्ट हुआ है. जबकि दीवारों में दरार आना शुरू हो गई हैं. वहीं उसी मंजिल पर आयुक्त कार्यालय के बाहर गली में अन्य कमरों की दीवार भी सीसी के बीम और कालम जुड़ी दीवार में भी दरार दिखाई देने लगी है. उसके बाद भवन के पिछले मुख्य द्वार जहां से आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों का प्रवेश होता है. वहीं भवन के कार्नर पर बेसमेंट और भूतल के बीच बने बीम में बाहर की तरफ से दरार दिखाई देने लगी है. इसी तरह भवन में अन्य जगह भी दरार आना शुरू हो गई है.
पार्किंग में पानी टपकना शुरू
नवीन मुख्यालय आठ मंजिल का बना हुआ है. जिसमें बैसमेंट में पार्किग दी गई है. जो कर्मचारियों और आगंतुकों के दो पहिया वाहनों को खड़ा किया जाता है. उस पार्किंग में जगह जगह पानी का टपकना शुरू हो गया है. इस पार्किंग में पानी कैसे और कहां से पहुंच रहा है, और यह बंद कैसे होगा यह कहना मुश्किल है.
इनका कहना है
मुख्यालय भवन का अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निगरानी में निर्माण कार्य कराया गया है. इसकी जांच की जाएगी. दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मालती राय, महापौर नगर निगम भोपाल
हमने पहले ही कहा था कि यह बिल्डिंग तीन साल भी नही चलेगी, घटिया निर्माण किया गया है. कर्मचारियों, अधिकारियों सहित प्रमोद मालवीय, एमआईसी पर एफआईआर होना चाहिए. इनकी देखरेख मे निर्माण कराया गया है. वहीं बिना किसी जांच के करोड़ों रुपए पास किए गए.
शबिस्ता जकी, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम भोपाल
