अबू धाबी, 24 जून (वार्ता) अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ चल रही वार्ता के संबंध में खाड़ी देशों के विचारों और सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखेगा।
श्री रुबियो ने संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में बुधवार को कहा कि क्षेत्र के सभी सहयोगी शांति के पक्ष में हैं, हालांकि शांति की रूपरेखा और उसके विवरण महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने साझेदार देशों की राय सुनना चाहता है और उनकी सुरक्षा तथा आर्थिक चिंताओं को समझता है। श्री रुबियो की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब पिछले सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच हुए प्रारंभिक समझौते को व्यापक और दीर्घकालिक व्यवस्था में बदलने के लिए स्विट्जरलैंड में वार्ता शुरू हुई है। उनकी क्षेत्रीय यात्रा के दौरान संयुक्त अरब अमीरात के अलावा कुवैत और बहरीन भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि वार्ता के लिए एक रूपरेखा तैयार हो चुकी है और उस आधार पर आगे प्रगति संभव है। ईरान के लिए प्रस्तावित पुनर्निर्माण कोष के संबंध में उन्होंने कहा कि इस विषय पर निर्णय क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर प्रगति के बाद ही लिया जा सकेगा। खाड़ी देशों की प्रमुख चिंता यह है कि मौजूदा समझौते की रूपरेखा में ईरान के मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रम का कोई उल्लेख नहीं है। इसके अलावा ईरान के लिए प्रस्तावित 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण कोष को लेकर भी कुछ देशों ने असंतोष व्यक्त किया है।
श्री रुबियो ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का शुल्क लगाने का ईरान का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को खुला और निर्बाध रहना चाहिये। इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। विशेष रूप से ईरान के क्षतिग्रस्त परमाणु प्रतिष्ठानों में अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों की पहुंच और ईरानी मिसाइल कार्यक्रम को लेकर दोनों पक्षों के रुख अलग-अलग हैं।
