
सीहोर। बीते कई महीनों से रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के चलते जर्जर सर्विस रोड़ और धूल धूसरित माहौल में रहने व गुजरने को मजबूर नागरिकों को सर्विस रोड़ निर्माण के लिए ब्रिज के शुरू होने तक इंतजार करना पड़ेगा. ब्रिज से वाहनों के आवागमन प्रारंभ होने के बाद ही सर्विस रोड़ का निर्माण हो सकेगा. ब्रिज निर्माण एजेंसी की मानें तो जून माह के अंत तक ओवर ब्रिज को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा.
भोपाल-इंदौर हाईवे पर रोजाना सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है. लंबे इंतजार और लगातार बढ़ती परेशानियों के बीच सीहोर का बहुप्रतीक्षित हाउसिंग बोर्ड रेलवे ओवरब्रिज जून के अंतिम सप्ताह में तथा फंदा रेलवे ओवरब्रिज जुलाई माह में यातायात के लिए खोल दिया जाएगा. करीब चार महीने की देरी के बाद दोनों परियोजनाएं अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. हालांकि ओवरब्रिज शुरू होने की खुशी के बीच हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र की सर्विस रोड की बदहाल स्थिति स्थानीय लोगों और राहगीरों की परेशानी का कारण बनी हुई है.
ब्रिज कॉर्पोरेशन के अनुसार जनवरी 2026 में दोनों ओवरब्रिज का लोकार्पण प्रस्तावित था, लेकिन निर्माण कार्य के अंतिम चरण में डामर की आपूर्ति प्रभावित होने से काम समय पर पूरा नहीं हो सका. अधिकारियों का कहना है कि ईरान-इजराइल युद्ध के कारण डामर की उपलब्धता प्रभावित हुई, जिससे डामरीकरण का कार्य रुक गया और परियोजना करीब चार महीने पीछे खिसक गई. अब सामग्री उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है.
इन पुलों के शुरू होने के बाद भोपाल और सीहोर के बीच आवागमन करने वाले लोगों को सैकड़ाखेड़ी बाईपास का लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. साथ ही रेलवे फाटक क्रमांक 104, 107 और 108 पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी. वर्षों से ट्रेनों के गुजरने के दौरान इन फाटकों पर वाहनों की लंबी कतारें लगती रही हैं, जिससे समय, ईंधन और श्रम तीनों की बर्बादी होती रही है.
ब्रिज कॉर्पोरेशन के सब इंजीनियर कैलाश वर्मा के अनुसार हाउसिंग बोर्ड ओवरब्रिज का शुभारंभ जून के अंतिम सप्ताह में किया जाएगा, जबकि फंदा रेलवे ओवरब्रिज जुलाई में चालू होगा. वहीं सर्विस रोड का स्थायी निर्माण भी ओवरब्रिज शुरू होने के बाद ही गति पकड़ सकेगा. कुल मिलाकर वर्षों से इंतजार कर रहे लोगों को ओवरब्रिज की सौगात तो जल्द मिलने वाली है, लेकिन तब तक हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के रहवासियों को जलभराव और जर्जर सर्विस रोड की परेशानी झेलनी पड़ेगी. ऐसे में लोगों की नजर सिर्फ ओवरब्रिज के उद्घाटन पर नहीं, बल्कि सर्विस रोड के जल्द निर्माण पर भी टिकी हुई है.
घरों व दुकानों के सामने बारिश का गंदा पानी जमा
ओवरब्रिज निर्माण के साथ एक बड़ा सवाल अब भी बाकी है. हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र की सर्विस रोड पिछले कई महीनों से लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है. गर्मियों में यहां धूल उड़ती रही, वहीं अब बारिश शुरू होते ही सड़क कीचड़ और गंदे पानी से भर गई है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी जमा होने से दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और स्थानीय रहवासियों को रोजाना जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है. बारिश के बाद की स्थिति और भी गंभीर हो गई है. जगह-जगह जलभराव और दलदल जैसी हालत के कारण राहगीरों को पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज का काम लगभग पूरा होने के बावजूद सर्विस रोड का निर्माण नहीं होने से उन्हें लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार वाहन फिसलने और छोटे हादसे होने की शिकायतें भी सामने आ चुकी हैं.
लगभग 57 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे ओवरब्रिज
करीब 57 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इन दोनों ओवरब्रिजों की लंबाई लगभग 700-700 मीटर और चौड़ाई 15 मीटर है. हाउसिंग बोर्ड ओवरब्रिज पर लगभग 28 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इसमें 24 पिलर बनाए गए हैं और इसकी ऊंचाई रेलवे ट्रैक से 7.30 मीटर रखी गई है. वहीं फंदा रेलवे ओवरब्रिज 29 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा है, जिसमें 21 पिलरों का निर्माण किया गया है.
