नयी दिल्ली, 24 जून (वार्ता) अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमिसन ग्रीर के तीन दिन के भारत दौरे में दोनों पक्षों ने फरवरी के अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है और एक संतुलित और सार्थक व्यापार समझौते के लिए प्रतिबद्धता जतायी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रायल ने श्री ग्रीर के 22 से 24 जून के दौरे के बाद बुधवार को जारी एक बयान में कहा, “ उनकी यह यात्रा संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत–अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को आगे बढ़ाने तथा सात फरवरी 2026 के संयुक्त वक्तव्य के अनुरूप एक अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम रही।”
श्री ग्रीर ने इस यात्रा के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ कई दौर की चर्चाएं कीं, जिनमें प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठकें भी शामिल हैं। दोनों नेताओं ने बीटीए के प्रमुख पहलुओं की व्यापक समीक्षा की, जिनमें बाजार तक बेहतर पहुंच, डिजिटल व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की मजबूती, गैर-शुल्कीय बाधाओं में कमी तथा रणनीतिक क्षेत्रों में विस्तारित सहयोग शामिल हैं।
श्री ग्रीर मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मिले और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने हाल के महीनों में वार्ता दलों द्वारा की गयी उल्लेखनीय प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और तकनीकी एवं मंत्रिस्तरीय स्तर पर लगातार हुई बैठकों से उत्पन्न सकारात्मक गति का स्वागत किया। इन बैठकों की चर्चाओं का केंद्र दोनों पक्षों के बीच हुए अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने के संभावित तरीकों पर रहा। इस बातचीत कोएक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना गया।
मंत्रालय ने कहा है, “ दोनों पक्षों ने एक ऐसे समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई जो संतुलित, व्यावसायिक दृष्टि से सार्थक हो तथा दोनों देशों के व्यवसायों, किसानों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं को ठोस लाभ प्रदान करे।’ वैश्विक व्यापार परिदृश्य में हो रहे परिवर्तनों के बीच भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी के बढ़ते महत्व को स्वीकार करते हुए, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और मजबूत एवं विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण के साझा लक्ष्य को दोहराया।” विज्ञप्ति में कहा गया है, “ दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया कि जारी वार्ताएं आर्थिक संबंधों को और अधिक गहरा करेंगी तथा भारत–अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाएंगी।”
दोनों पक्षों ने विभिन्न दौर की बातचीत के बाद इस साल सात फरवरी को एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सहमति की घोषणा की थी। भारत के खिलाफ अमेरिका की ओर से भारी दंडात्मक शुल्क की कार्रवाई के बीच हुए इस समझौते को अभी अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। इस बीच अमेरिका के संघीय उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश से पिछले साल भारत सहित विभिन्न देशों पर लगाये गये शुल्कों को उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर बता कर उन्हें निरस्त कर दिया है। इससे उत्पन्न बदली व्यापारिक शुल्क की परिस्थितियों दोनों देश फरवरी के समझौते को अंतिम रूप देने में लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पिछले सप्ताह फ्रांस में जी-7 शिखर बैठक के दौरान श्री ट्रम्प से मुलाकात में द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति पर संतोष जताया था। उस बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से 18 जून जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था, “ दोनों नेताओं ने एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में वार्ता में हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और अपने अधिकारियों को जल्द-से-जल्द एक संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और व्यावसायिक रूप से सार्थक समझौते की दिशा में काम करने का निर्देश दिया। इस सिलसिले में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि, श्री ग्रीर अगले सप्ताह भारत का दौरा करेंगे।”

