मानसून में देरी से किसानों का गणित बिगड़ा, ब्यावरा में बारिश की आहट से जगी उम्मीद

ब्यावरा। मानसून की खेंच से परेशान लोगो को आज बड़ी राहत का अहसास हुआ है. लंबे इंतजार के बाद सोमवार की शाम मानसून आने की आहट के पूर्व बदरा बरसने से बहुत कुछ राहत हुई है. यह अलग बात है कि इस राहत के साथ-साथ बारिश जनित समस्याओं से आफत भी शुरू हो गई है.

मानसून में करीब एक सप्ताह के विलंब से चिंतित आम लोगो को आज मौसम में हुए बदलाव से बड़ी राहत मिली है. तेज हवा-आंधी के साथ जैसे मानसून ने अपने आने की दस्तक दी तो सभी के चेहरे खिल उठे. हालांकि यह बारिश चंद मिनिट ही हुई लेकिन इस अल्प समय में ही उसने गर्मी में पर जोरदार प्रहार कर मौसम को खुशनुमा कर दिया.

यह उम्मींद जताई जा रही है कि आने वाले चंद घंटों में मानसून अपनी स्थायी उपस्थिति जताकर अपना इंतजार खत्म करायेगा. मानसून में विलंब होने से किसानों के समक्ष कई प्रकार के संकट खड़े हो रहे है. प्राय: मानसून जून के प्रथम अथवा दूसरे सप्ताह तक आ जाता है और किसान इसके तुरंत बाद बोवनी में लग जाता है.

मानसून विलंब होने से बोवनी कार्य से फ्री होने में किसान को जून का पूरा महीना अथवा जुलाई का प्रथम सप्ताह लग सकता है. ऐसे में फसल आने में भी विलंब होगा. इस वर्ष दीपावली भी जल्दी होने से किसानों का पूरा चक्र बिगड़ता नजर आ रहा है. बारिश आने की आहट से मौसम की गर्मी कम हुई है. इससे सभी को बड़ी राहत मिलती नजर आ रही है. इस राहत के साथ-साथ आफत के भी अनेकों रूप दिखाई देने लगे है. जिन गांव, शहर, कस्बों में बारिश जनित समस्याओं की संभावना को समझते हुए तैयारी कर ली होगी वहां के लोगो को तो राहत नजर आ सकती है लेकिन जहां इसका ध्यान नहीं रखा होगा वहां तो आफत ही आफत सामने आयेगी. यह आने वाले दिनों में देखने,समझने को मिलेगा.

 

 

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