अस्पताल में नहीं मिला जीवन रक्षक इंजेक्शन, बेबस पिता ने परिवार संग सड़क पर किया चक्काजाम

सीहोर। जिला अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता को लेकर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारी से पीडि़त दो बच्चों को पिछले 21 दिनों से आवश्यक इंजेक्शन नहीं मिलने पर उनके पिता को पूरे परिवार के साथ जिला अस्पताल के सामने सड़क पर बैठकर चक्काजाम करना पड़ा. इस दौरान मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया.

जानकारी के अनुसार आष्टा तहसील के ग्राम गुराडिया रूपचन्द्र निवासी श्रवण कुमार मेवाड़ा के दो बच्चे हीमोफीलिया नामक गंभीर अनुवांशिक बीमारी से पीडि़त हैं. इस बीमारी में शरीर से बहने वाला रक्त सामान्य रूप से नहीं रुकता, जिसके कारण मरीज को नियमित रूप से ‘फैक्टर-8Ó इंजेक्शन की आवश्यकता पड़ती है. चिकित्सकों द्वारा बच्चों के लिए उक्त इंजेक्शन लिखे जाने के बावजूद जिला अस्पताल के मुख्य दवा भंडार में यह दवा पिछले तीन सप्ताह से उपलब्ध नहीं है.

पीडि़त पिता श्रवण कुमार मेवाड़ा ने बताया कि बच्चों का उपचार पहले सीहोर में चल रहा था, लेकिन वर्तमान में सीहोर और भोपाल दोनों स्थानों पर सरकारी स्तर पर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. उन्होंने 19 जून को कलेक्टर के नाम आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया था. आवेदन में उन्होंने उल्लेख किया कि वह बेरोजगार हैं और आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं हैं कि निजी मेडिकल स्टोर से महंगे इंजेक्शन खरीद सकें. उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की थी कि यदि प्रदेश में यह दवा उपलब्ध नहीं हो पा रही है तो बच्चों का इलाज कराने के लिए उन्हें मुंबई जाने हेतु कम से कम 15 दिनों की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए. हालांकि आवेदन देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर परिवार की परेशानी बढ़ती गई.

बच्चों की बिगड़ती स्थिति और लगातार अनदेखी से नाराज होकर श्रवण कुमार मेवाड़ा अपने परिवार सहित सोमवार को जिला चिकित्सालय के मुख्य मार्ग पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया. सड़क पर प्रदर्शन शुरू होते ही मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. अस्पताल के सामने स्थित व्यस्त सड़क पर यातायात बाधित होने से वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

चक्काजाम की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यूके श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे. उन्होंने पीडि़त परिवार से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द से जल्द आवश्यक ‘फैक्टर-8Ó इंजेक्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों द्वारा समझाइश दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ.

पहले भी परिवार के साथ कर चुका है प्रदर्शन

हीमोफीलिया बीमारी से ग्रसित बच्चों का पिता श्रवण कुमार मेवाड़ा पूर्व में भी इसी तरह प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए जिला अस्पताल के सामने परिवार सहित चक्काजाम प्रदर्शन कर चुका है. उस वक्त तत्कालीन कलेक्टर प्रवीण सिंह अढाईच द्वारा उसे इंजेक्शन मुहैया कराया गया था. इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. यूके श्रीवास्तव का कहना है कि फैक्टर-8 के इंजेक्शन सीहोर और भोपाल दोनो जगह उपलब्ध नहीं था. संबंधित इंजेक्शन सेंट्रल डिपो भोपाल में आज ही प्राप्त हुये है इसलिए आज ही इंजेक्शन लाने के लिये स्टोर कीपर को जेपी अस्पताल भोपाल भेजा गया है. बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया है. रात तक उन्हें इंजेक्शन लगा दिए जाएंगे.

 

Next Post

निराला के काव्य और राग बादल पर किया भरत नाट्यम

Tue Jun 23 , 2026
नरसिंहगढ़। प्रख्यात भरतनाट्यम नृत्यांगना डॉ. मोहिका सक्सेना ने अपनी उत्कृष्ट एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों से उपस्थित कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया. मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध भरतनाट्यम कलाकार डॉ. मोहिका सक्सेना ने मात्र तीन वर्ष की आयु से विधिवत भरतनाट्यम की शिक्षा प्रारंभ की थी. लगभग तेईस वर्षों की सतत साधना […]

You May Like