
सिंगरौली । भारत के ऊर्जांचल के नाम से प्रसिद्ध सिंगरौली जिला आज भारी उद्योगों और खनन गतिविधियों के कारण गंभीर प्रदूषण, विस्थापन, स्वास्थ्य समस्याओं तथा बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से जूझ रहा है। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्राप्त होने वाले जिला खनिज प्रतिष्ठान फंड के उपयोग को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है।
आप के वर्तमान प्रदेश सचिव राजेश सोनी ने सरकारी दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया है कि पिछले वर्षों में सिंगरौली के डीएमएफ फंड से लगभग 1000 करोड़ रुपये विभिन्न जिलों में स्थानांतरित कर दिए गए, जबकि यह राशि सिंगरौली के खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर खर्च की जानी चाहिए थी। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राजेश सोनी ने कहा कि म.प्र. डीएमएफ नियमों के अनुसार इस निधि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, रोजगार सृजन और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए किया जाना अनिवार्य है। इसके बावजूद सिंगरौली के अधिकारों की अनदेखी कर यह राशि अन्य जिलों के निर्माण कार्यों में खर्च की गई। राजेश सोनी ने मांग की है कि सिंगरौली से स्थानांतरित की गई डीएमएफ निधि को 15 दिनों के भीतर वापस जिले के खाते में जमा कराया जाए। प्रेस वार्ता में आप की प्रदेश उपाध्यक्ष अनिता बैस तथा प्रदेश संयुक्त सचिव श्याम सुंदर विश्वकर्मा भी मौजूद रहे।
