​भोपाल वार्ड 4: कागजों पर चमका वार्ड, जमीनी स्तर पर जनता परेशान

विजय शर्मा

भोपाल: नगर निगम के वार्ड 4 के पार्षद के साथ ही एमआईसी सदस्य भी हैं. जिनके पास पार्षद के साथ ही एमआईसी का अतिरिक्त बजट भी रहता है. जिससे इन्होंने वार्ड में विकास कार्य तो पिछले चार वर्षों में बहुत कराये हैं. उसके बाद भी समस्याओंं का समाधान नहीं सका है. वार्ड में . महिनों से झाड़ू नहीं लग रही है. जिससे वहां की सडक़ों और गलियों पर कचरा दिखाई दे रहा है. वहीं नालियां कहीं तो टूटी हुई हैं कहीं कचरे से भरी हुई हैं. नालियों की बारिश पूर्व होने वाली सफाई भी नहीं की गई. जिससे गंदा पानी सडक़ों पर बहता है. इस वार्ड में संजय नगर, मछली मार्केट, फाटक रोड, आरा मशीन रोड, बन ट्री हिल्स, बेहटा गांव और राहुल नगर शामिल है.

जिनमें से बेहटा और संजय नगर राहुल नगर स्लम स्लम एरिया है. कुछ क्षेत्रों में सीवेज की लाईन कचरे से भर जाती है जो महिनों तक साफ नहीं की जाती है, जिससे सीवेज का गंदा पानी गलियों और सडक़ों पर बहता रहता है. इनकी शिकायत करने के बाद भी महिनों सुनवाई नहीं होती है. चौराहों पर कचरा तो रहता ही है साथ पशु भी बीच सडक़ पर बैठे रहते हैं. और गलियों की लाईट बंद होने से रात में दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है. वहीं, बच्चों और महिलाओं का रात में गलियों में निकलना भी मुश्किल है. पार्कोँ में सडक़ें बनी निर्माण भी हुए लेकिन सफाई नहीं होती है. जिससे बच्चे खेलने जाने से कतराते हैं. पार्षद ने पिछले चार वर्षो में लगभग 10 करोड़ रुपए के विकास कार्य तो कराये लेकिन जो मूल सुविधाएं जनता को उपलब्ध नहीं करा पाए हैं. जबकि पार्षद का प्रथम दायित्व जनता की समस्याओं का निदान करना है.
चार साल में 10 करोड़ के विकास कार्य करवाए
वार्ड चार संतनगर में विगत चार साल में 10 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य किए गए हैं जिनमें 12 मंदिरों में शेड , सीआरपी कालोनी की सडक़े, पेयजल लाईन ,15 प्रमुख चौराहों पर हाई मास्क लाइट, और कालोनियों की गलियों में एलईडी लाईट वार्ड के साथ सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं को बैठने के लिए कुर्सियां लगवाई गई हैँ. वर्तमान में ढेड़ करोड़ की लागत से पीएनबी बैंक से साधूवासवानी, डॉ बासानी से गैस राहत ऑफिस और निरंकारी मंडल से साधुवासवानी तक आधे आधे किलोमीटर की तीन सडक़ों का कार्य जारी है. बेहटा गांव में शमशान घाट और सीवेज का कार्य करवाया गया है. गिदवानी पार्क की पूरी सडक़ें जो कि 25 लाख रुपए की लागत से बन रही हैं.
राजेश हिंगोरानी, एमआईसी सदस्य, नगर निगम भोपाल
वार्डं की स्थिति बहुत खराब
वार्ड चार की स्थिति बहुत ही खराब है. वार्ड की सफाई व्यवस्था चौपट है, जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं. नाले नालियों की सफाई हो नहीं पाती है जिसके कारण नालियों का गंदा पानी रोड पर बहता है. जिस वजह से मौसमी बीमारियां फैल रही है. इसके अलावा इस वार्ड की कालोनियों की संडक़ें बहुत खराब है, जिन पैदल और दोपहिया वाहन का चलाना मुश्किल हो गया है. स्ट्रीट लाइट बंद रहती है जिससे गलियों में रात्री के समय अंधेरा रहता है. महिलाओं बच्चों का रात्रि में निकलना मुश्किल हो गया है. लाईट बंद रहने से असामाजिक तत्वों का भय बना रहता है.
मधु चांदवानी, पूर्व पार्षद प्रत्याशी कांग्रेस,
वार्ड के रहवासियों का कहना हैं
आरोग्य धाम के पीछे वनट्री हिल्स की गलियों में बस्ती का पानी बहता है. बारिश के दौरान और अधिक रहता है. जिससे सडक़ें खुद गई हैँ. गली में नाली नहीं बनी है.
विकास वाधवानी, रहवासी डीडी प्ले स्कूल, वनट्री हिल्स
नालियों की सफाई नहीं की जाती है. झाड़ू तो कभी लगती ही नहीं है. पानी का प्रेशर कम होने नलों से पानी कभी कभी गंदा आता है. कचरे की गाड़ी 11 बजे आती है लेकिन जनता उससे पहले ही कचरा सडक़ के किनारे डाल देती है.
रमेश अहिरवार, रहवासी, संजय नगर
झाड़ू लग रहा है. कचरा उठाने वाहन आता है. पानी भी स्वच्छ आता है. नालियों की सफाई नहीं होती है.
गीता औझा, रहवासी, संजय नगर
झाड़ू प्रतिदिन लग रही है. नाली फूटी हुईं हैं जिनकी सफाई नहीं होती है जिससे कचरा भरा हुआ है. पानी अधिक आने से गंदगी सडक़ों पर बहती है. वहीं यहां की सडक़ें उखड़ रही हैं. बिजली का बिल ज्यादा आ रहा है.
सुरेन्द्र मेवाड़ा, रहवासी, बेहटा गांव
यहां पर झाडू़ तो बराबर लगती है. वहीं कचरा वाहन भी कचरा लेकर जाता है. मेरे इधर तो नालियां बनी ही नहीं है जिससे गंदा पानी सडक़ पर बहता है. और बिजली के बिल अधिक हा रहे हैं. जिससे यहां पर सभी परेशान है.
निशांत रजक, रहवासी, बेहटा गांव
नलों से पहले पानी गंदा आ रहा था. अब साफ आ रहा है. झाड़ू महिने में एक बार लगती है. नालियों की सफाई हो चुकी है. कचरा वाहन भी समय पर आता है.
गीता बाई, रहवासी, बेहटा गांव
यहां पर झाड़ू महिने में मुश्किल से एक बार लगती होगी. कचरा वाहन नियमित आ रहा है. सडक़ें उखड़ रही है. गली की लाईट बंद है.
अजय मेहर, रहवासी राहुल नगर
सीवेज के पाईप डालते समय नाली को बंद कर दिया गया है. जिससे नाली का पानी नहीं निकलता और सफाई न होने से कचरा भरा हुआ है. नलों से पहले गंदा पानी आता था अब साफ आ रहा है.
महेश मालवीय, राहुल नगर
सबसे बड़ी समस्या सीवेज की रहती है. सीवेज के पाईप जाम होने पर गंदगी सडक़ों पर बहता है.शिकायत करने के बाद भी महिनों सफाई नहीं होती है. सफाई कर्मी प्रतिदिन झाड़ू लगाकर जाते हैं. कचरा भी उठता है. नालियों की सफाई होती है.
मुरलीधर मूलचंदानी, दुकानदार, आरा मशीन रोड
दुकान के सामने कचरे का ढेर लगा रहता है. जो फेलता रहता है. गली की लाईट जलती नहीं है. नालियों में कचरा भरा हुआ है सफाई नहीं हुई है. सीवेज की कोई समस्या नहीं है.
हितेश मूलानी, दुकानदार, मछली मार्केट

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