
उज्जैन। शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. माधवनगर प्रदेश का पहला ऐसा विद्यालय बन गया है, जहां खगोलीय घटनाओं को समझने के लिए शंकु यंत्र का निर्माण किया गया है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने इस यंत्र के माध्यम से शून्य छाया दिवस के अद्भुत खगोलीय घटनाक्रम को प्रत्यक्ष रूप से जाना।
डोंगला वेधशाला से आए विशेषज्ञ घनश्याम रतनानी ने विद्यालय में बने शंकु यंत्र के माध्यम से बच्चों को बताया कि 21 जून को सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध में कर्क रेखा पर लंबवत होता है। उज्जैन कर्क रेखा के नजदीक स्थित है, इसलिए 21 जून को स्थानीय समय दोपहर 12 बजे और भारतीय मानक समय के अनुसार 12 बजकर 28 मिनट पर सूर्य के बिल्कुल ऊपर (लंबवत) होने के कारण परछाई कुछ समय के लिए शून्य हो जाती है। इसी विशेष स्थिति को शून्य छाया दिवस कहा जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि 21 जून को 13 घंटे 34 मिनट का दिन और 10 घंटे 26 मिनट की रात्रि होती है। आयोजन के दौरान पालक शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष श्री श्याम जी अग्रवाल, अंकित शर्मा, विवेकानन्द व्यास सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे और उन्होंने शंकु यंत्र की कार्यप्रणाली को करीब से देखा।
खगोलीय स्थितियों का अवलोकन होगा
विद्यालय की प्राचार्य डॉ. विभा शर्मा ने बताया कि परिसर में इस शंकु यंत्र का निर्माण श्री रतनानी के मार्गदर्शन में ही किया गया है। भूगोल विषय के वरिष्ठ शिक्षक निरंजन कुमार बेलिया ने बताया कि इस यंत्र की मदद से विद्यार्थी अब किताबी ज्ञान के अलावा सूर्य का उत्तरायण व दक्षिणायन होना तथा कर्क और मकर रेखा आदि खगोलीय स्थितियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर सकेंगे।
