
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने देश के प्रमुख मंदिर ट्रस्टों और धार्मिक परियोजनाओं की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए उनकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े विभिन्न मंदिर ट्रस्टों ने धर्म, आस्था और सनातन परंपराओं के नाम पर जनता की भावनाओं का राजनीतिक उपयोग किया है, जबकि कई बड़े धार्मिक प्रकल्पों से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का अब तक संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है।
मुकेश नायक ने कहा कि उज्जैन के महाकाल लोक तथा ओरछा में प्रस्तावित श्रीराम महालोक परियोजना समेत कई मंदिर विकास एवं पुनरुद्धार योजनाओं पर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लग चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि ओरछा परियोजना में 50 रुपये प्रति वर्गफुट कीमत वाली टाइलें कथित रूप से 350 रुपये प्रति वर्गफुट तक की दर पर खरीदी गईं, जिससे सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा होती है।
उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर निर्माण से जुड़े मामलों का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि परियोजना से जुड़े कुछ इंजीनियरों ने निर्माण और वित्तीय प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताओं को लेकर चिंताएं जताई थीं। इसके अलावा, श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और बहुमूल्य दान की निगरानी तथा प्रबंधन में पारदर्शिता को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि श्रद्धालुओं को यह जानने का पूरा अधिकार है कि मंदिरों में प्राप्त दान और संसाधनों का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है। उन्होंने देशभर के प्रमुख मंदिर ट्रस्टों, धार्मिक संस्थानों और मंदिर निर्माण परियोजनाओं का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ऑडिट कराने, उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा अनियमितता सिद्ध होने पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
