इंदौर :शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, किला भवन में गुरुवार को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस और स्वास्थ्य जागरूकता विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें छात्राओं को भारतीय हथकरघा परंपरा से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया.
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव ने छात्राओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा दी. प्रशासनिक अधिकारी डॉ. वी.पी. बैरागी ने माहेश्वरी साड़ी का उल्लेख करते हुए बताया कि इसकी शुरुआत देवी अहिल्याबाई होलकर के संरक्षण में हुई और यह आज भी भारतीय हस्तकरघा कला की पहचान है. गृह विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित व्याख्यान में डॉ. रीतिबाला भोर ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के इतिहास और महत्व की जानकारी दी. उन्होंने भारत की पारंपरिक साड़ियों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं से हथकरघा उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग, बुनकरों के सम्मान और देश की पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया. इस अवसर पर छात्राओं ने विभिन्न पारंपरिक साड़ियों पर आधारित पोस्टर भी प्रदर्शित किए.
दूसरे सत्र में डॉ. स्वाती शिंदे ने स्वास्थ्य जागरूकता विषय पर व्याख्यान देते हुए मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदयाघात के प्रमुख कारणों की जानकारी दी। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण को स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक बताया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. शीतल ब्राह्मणे ने किया, जबकि आभार डॉ. प्रतिभा समदरिया ने माना. कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं.
