
जबलपुर। होम साइंस महिला कॉलेज, जबलपुर में अचानक नई यूनिफॉर्म लागू किए जाने के निर्णय का छात्राओं एवं अभिभावकों द्वारा विरोध सोमवार को जमकर किया गया। इस मुद्दे को लेकर पेरेंट्स एसोसिएशन ऑफ मध्य प्रदेश के नेतृत्व में कॉलेज प्रबंधन समीर शुक्ला एवं जिला कलेक्टर, उच्च शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर निर्णय पर पुनर्विचार करने और पूर्व से प्रचलित यूनिफॉर्म को बहाल रखने की मांग की गई है।
इस संबंध में पैरेंट्स एसोसिएशन ऑफ मध्य प्रदेश के अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने कहा कि जब वर्षों से चली आ रही यूनिफॉर्म सभी छात्राओं के पास उपलब्ध है, तब उसे बदलने की आवश्यकता स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि इस निर्णय से अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जबकि इसका शिक्षा की गुणवत्ता से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि नई यूनिफॉर्म का हल्का रंग कई छात्राओं, विशेषकर मासिक धर्म के दौरान, व्यावहारिक असुविधा और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। पहले की गहरे रंग की यूनिफॉर्म इस दृष्टि से अधिक उपयुक्त मानी जाती थी। इसलिए छात्राओं की सुविधा, गरिमा और व्यावहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। एसोसिएशन ने यह मांग भी की है कि यदि यूनिफॉर्म परिवर्तन के संबंध में किसी विशेष विक्रेता या आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े संभावित व्यावसायिक हितों की आशंका हो, तो उसकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए। साथ ही, जांच पूरी होने तक छात्राओं को पूर्व यूनिफॉर्म में ही कॉलेज आने की अनुमति दी जाए और नई यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए।
अभिभावकों पर न पड़े अतिरिक्त बोझ
पेरेंट्स एसोसिएशन ऑफ मध्य प्रदेश ने जिला प्रशासन एवं उच्च शिक्षा विभाग से छात्रहित में शीघ्र हस्तक्षेप कर न्यायसंगत निर्णय लेने की अपील की है, ताकि छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
यूनिफॉर्म परिवर्तन का विरोध कॉलेज की सैंकड़ों छात्राओं ने भी किया। विरोध प्रदर्शन व ज्ञापन के दौरान कॉलेज की नीलम नामदेव, अंशिका गुप्ता, साक्षी सोनी, तान्या कोरी, वसुंधरा राज, दुर्गा, मुनमुन शर्मा, लक्ष्यश्री राजपूत, रिद्धिका गर्ग , नेहा गढ़वाल,दिशा कुशवाहा सहित अन्य सैकड़ो छात्राएं मौजूद रहीं।
