अब नहीं चलेगी नकली चंदेरी साड़ी, हर असली साड़ी पर लगेगा GI टैग

अशोकनगर। चंदेरी साड़ियों के संरक्षण, उनके मूल स्वरूप को बनाए रखने और बुनकरों को उनके हक का सही दाम दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर साकेत मालवीय की अध्यक्षता में चंदेरी स्थित हैंडलूम पार्क में स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) और मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चंदेरी साड़ियों के संरक्षण और उनकी वैश्विक स्तर पर बिक्री को लेकर कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए। इसके अलावा बैठक में चंदेरी की समृद्ध

विरासत को सहेजने के लिए चंदेरी साड़ी म्यूजियम के निर्माण और हैंडलूम पार्क में दुकान आवंटन जैसे जरूरी कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वहीं चंदेरी के ऐतिहासिक और

सांस्कृतिक पर्यटन को वैश्विक पटल पर लाने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के स्थानीय नवीन गाइडों को अत्यधिक प्रोत्साहन देने पर बल दिया गया। इस दौरान योग्य गाइडों को

उनके प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इस मौके पर एसडीएम मनीष धनगर, हथकरघा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मास्टर वीवर्स और

हर साड़ी पर लगेगा जीआई टैगः

बाजार में बिक रही नकली साड़ियों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए नगर के मास्टर वीवर्स और बुनकरों ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। अब हर असली चंदेरी साड़ी पर जीआई टैग लगाया जाएगा। इस टैग में बुनकर का नाम, ताने-बाने का पूरा विवरण और साड़ी को बनाने में लगा समय दर्ज होगा।

कलेक्टर ने इस नवाचार की

सराहना करते हुए इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। वहीं ग्राहकों को सीधे उच्च गुणवत्ता वाले और असली उत्पाद मिल सकें, इसके लिए हथकरघा विभाग के अधिकारियों को हैंडलूम पार्क के नाम से एक समर्पित वेबसाइट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। इस काम के लिए मध्य प्रदेश औद्योगिक केंद्र विकास निगम को इस पूरे प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। MPIDC चंदेरी साड़ियों की डिजाइनिंग, मार्केटिंग और प्रोडक्शन में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी।

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