
देवसर । जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्राचंदेल में लगभग 30 वर्ष पुरानी माड़ी बांध जलाशय की सिंचाई नहर को क्षतिग्रस्त कर सड़क निर्माण किए जाने का मामला सामने आने से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर जेसीबी मशीन लगाकर नहर के हिस्से को समतल किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की वर्षों पुरानी सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार माड़ी बांध जलाशय से निकली यह नहर आसपास के दर्जनों किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का प्रमुख माध्यम रही है। नहर के जरिए हर वर्ष खरीफ और रबी सीजन में कृषि भूमि की सिंचाई होती है। किसानों का कहना है कि यदि नहर का अस्तित्व समाप्त हो गया तो उन्हें सिंचाई के लिए गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा और खेती की लागत भी बढ़ जाएगी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के नाम पर नहर की संरचना को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को इसकी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वही इस मामले में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक मेरे संज्ञान में नही आया था। यदि ऐसा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
किसानों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप करने की उठाई मांग
ग्रामीणों का मानना है कि विकास कार्य आवश्यक है, लेकिन इसके लिए सिंचाई के महत्वपूर्ण संसाधनों को नष्ट करना उचित नहीं है। मामले को लेकर किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि नहर को मूल स्वरूप में सुरक्षित रखा जाए तथा यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो क्षेत्र की कृषि व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
