नयी दिल्ली, 21 जून (वार्ता) हेल्थ फिटनेस ट्रस्ट द्वारा गांधी दर्शन, राजघाट पर ‘रन अगेंस्ट ड्रग एब्यूज’ के 24वें संस्करण का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य नशा मुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाकर एक व्यापक जनआंदोलन का रूप देना है। कार्यक्रम का आयोजन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर किया गया, जिसमें स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता का समन्वय देखने को मिला। वर्ष 2003 से निरंतर आयोजित हो रहे इस अभियान को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, जीएसडीएस, संस्कृति मंत्रालय, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार सहित कई प्रमुख संस्थाओं का सहयोग प्राप्त है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) इस आयोजन का शीर्ष प्रायोजक रहा, जबकि भागेश फाउंडेशन और गेल ने आधिकारिक भागीदार के रूप में सहयोग दिया।
इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम में 2000 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो नशा मुक्त भारत के प्रति जनसमर्थन को दर्शाता है। एक किलोमीटर की जागरूकता वॉक/रन को जीएसडीएस के उपाध्यक्ष विजय गोयल और एशियन मैराथन स्वर्ण पदक विजेता डॉ. सुनीता गोदारा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने “नशा मुक्ति मित्र” के रूप में नशा मुक्त भारत का संकल्प भी लिया।
सभा को संबोधित करते हुए विजय गोयल ने नशे की समस्या से निपटने में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “यह पहल समाज की एक गंभीर चुनौती के समाधान में जनभागीदारी की शक्ति को दर्शाती है। जब लोग एक साझा उद्देश्य के साथ आगे आते हैं, तो नशा मुक्त भारत जैसे अभियान को नई गति और स्थायी प्रभाव मिलता है।”
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बनवारी लाल वर्मा ने अपने संदेश में हेल्थ फिटनेस ट्रस्ट को बधाई देते हुए कहा, “मैं इस सार्थक पहल के लिए आयोजकों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और इसकी सफलता की कामना करता हूं। सभी से आग्रह है कि वे स्वस्थ, फिट और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए इस अभियान से जुड़ें।” कार्यक्रम पर अपने विचार साझा करते हुए डॉ. सुनीता गोदारा ने कहा, “पिछले दो दशकों से यह आयोजन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि परिवर्तन की एक सतत मुहिम है। प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या हमारे संकल्प को और मजबूत करती है कि हम एक नशा मुक्त भारत का निर्माण करें।”
इस पहल की सराहना करते हुए राकेश कुमार सिंह ने कहा, “नशा एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिसका समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। इस प्रकार के आयोजन जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विशेषकर युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हैं।” कार्यक्रम का समापन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कॉमन योग प्रोटोकॉल सत्र के साथ हुआ, जिसके बाद 10 किमी और 5 किमी दौड़ के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

