रीवा: रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़रिया इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब सड़क पर चल रही एक फोर्ड फिएस्टा कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते वाहन का दरवाजा खोलकर बाहर निकल गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के दौरान मौके पर मौजूद 100 डायल पुलिस कर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलते वाहन के समीप से लगातार आवागमन जारी रहा, लेकिन पुलिस ने ट्रैफिक रोकने या लोगों को सुरक्षित दूरी पर करने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की। इससे बड़ी दुर्घटना होने का खतरा बना रहा।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि उन्होंने कई बार पुलिसकर्मियों से आवागमन रोकने की मांग की, लेकिन एक आरक्षक ने कथित तौर पर कहा — “पुलिस मैं हूं या तुम?” इसके बाद लोगों ने खुद आगे आकर अपने वाहन सड़क पर लगाकर ट्रैफिक रोका और आसपास मौजूद लोगों को दूर किया, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो सके।
घटना के दौरान कुछ पुलिसकर्मी आग बुझाने या सुरक्षा व्यवस्था संभालने के बजाय जलती कार का वीडियो बनाते नजर आए, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ट्रैफिक न रोका जाता तो आग की चपेट में अन्य वाहन भी आ सकते थे।
हालांकि आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी के चलते हादसा हुआ होगा। सूचना मिलने पर दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक वाहन काफी हद तक जल चुका था।घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हैं। आमजन का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पुलिस को त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए, ताकि किसी भी बड़ी जनहानि से बचा जा सके।
