सतना : शहर के धवारी स्थित जिस इनक्यूबेशन सेंटर को स्मार्ट सिटी का रोल मॉडल माना जाता है, वहां बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। विद्युत वितरण कंपनी की विशेष जांच टीम ने जब यहां छापा मारा, तो परिसर की करीब आधा दर्जन दुकानें बिना मीटर के अवैध कनेक्शन जोड़कर धड़ल्ले से संचालित होती पाई गईं। हालांकि, इतनी बड़ी गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद भी बिजली विभाग की टीम द्वारा की गई नरम कार्रवाई ने पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है।
जांच टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। परिसर की दुकानों में न केवल बिजली का अवैध कमर्शियल उपयोग किया जा रहा था, बल्कि सीधे मुख्य ट्रांसफॉर्मर से मोटे तार खींचकर भारी-भरकम एयर कंडीशनर चलाए जा रहे थे। इस हाई-प्रोफाइल अवैध सेटअप के कारण नगर निगम को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे परिसर की देखरेख और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के आला अधिकारियों के पास है।
इस पूरे मामले में बिजली विभाग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मौके पर रंगे हाथों इतनी बड़ी चोरी पकड़े जाने के बावजूद टीम ने दोषियों के खिलाफ न तो कोई पंचनामा बनाया और न ही कोई कानूनी प्रकरण दर्ज किया। टीम ने केवल औपचारिकता निभाते हुए अवैध कनेक्शनों दोबारा उल्लंघन न करने की अंतिम चेतावनी देकर मौके से रवानगी ले ली।
स्मार्ट सिटी के इतने सुरक्षित, प्रतिष्ठित और वीआईपी परिसर में बिना मीटर के सीधे ट्रांसफॉर्मर से सरेआम लाइन कैसे खींच ली गई? यह सवाल अब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में कुछ रसूखदारों और रसूखदार दुकानदारों का हाथ है, जिनके राजनीतिक व प्रशासनिक दबाव के आगे बिजली विभाग ने घुटने टेक दिए। यही वजह रही कि विभाग ने एफआईआर दर्ज करने या भारी जुर्माना लगाने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई से परहेज किया।
बड़ा सवाल यह कि आम जनता की मामूली बिजली कटौती या बिल बकाया होने पर सख्त रुख अपनाने वाला विद्युत विभाग, स्मार्ट सिटी परिसर में हुई इस महानगर स्तरीय बिजली चोरी पर इतना मेहरबान क्यों है?
इनका कहना
जाँच के दौरान वहाँ दुकानों में बिना मीटर के बिजली कनेक्शन पाए गए हैं.हमने चेतावनी दी है और स्मार्ट सिटी को नोटिस को इस संबंध मे नोटिस जारी कर जानकारी माँगी जाएगी
मिगेंद्र सिंह चंदेल
डीई सिटी
