महू: डॉ. बाबा साहब अंबेडकर मध्य भारत अस्पताल वर्तमान में असामाजिक तत्वों और अपराधियों की शरण स्थली बन चुका है. शासन और प्रशासन का इस पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है. आए दिन होने वाले विवादों के कारण यहाँ डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ कई बार मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी अब तक अपराधियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को पुलिस एम.एल.सी. से जुड़े कामों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय लापरवाही के कारण गरीब और ग्रामीण मरीजों को समय पर इलाज मिलने में देरी हो रही है डॉ. अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष राजेश तंबोली ने अस्पताल की बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल परिसर के भीतर लंबे समय से एक स्थाई पुलिस चौकी की मांग की जा रही है, ताकि डॉक्टरों और मरीजों को सुरक्षा मिल सके, लेकिन प्रशासन इस मांग को लगातार अनदेखा कर रहा है.
इसके अलावा अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ, गहन चिकित्सा इकाई और आवश्यक मेडिकल स्टाफ की भारी कमी है, जिससे आपातकालीन सेवाएं ठप पड़ी हैं. संगठन ने क्षेत्रीय विधायक उषा ठाकुर से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने का अनुरोध किया है. राजेश तंबोली ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल परिसर में जल्द से जल्द पुलिस चौकी की स्थापना नहीं की गई और डॉक्टरों व आईसीयू स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई, तो वे आम जनता के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
