पटना, 20 जून (वार्ता) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि किसानों के चेहरे की खुशहाली ही बिहार की समृद्धि का द्वार खोलेगी।मुख्यमंत्री श्री चौधरी आज पटना स्थित बिहार कृषि प्रबंधन विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (बामेती) सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर, हुगली में आयोजित विश्व की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी०बी०टी०) योजनाओं में से एक पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के तहत 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में डी०बी०टी० के माध्यम से 18,880 करोड़ रूपये से अधिक की सम्मान राशि सीधे हस्तांतरित की। बिहार के 73 लाख से अधिक किसान परिवारों के खाते में 1,463 करोड़ रूपये की राशि डी०बी०टी० के माध्यम से हस्तांतरित की गयी।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने डिजिटल कृषि मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना/पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन एवं प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पश्चिम बंगाल) का भी शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में किसानों को कृषि कार्य के लिए मात्र 64 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सोलर पंप स्टोरेज सिस्टम और पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 55 लाख किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जा चुका है, जिससे किसानों को संगठित करने और विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
श्री चौधरी ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 800 जीविका दीदियों को कृषि सखी के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। ये कृषि सखियां किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने और उसके लाभों के प्रति जागरूक करेंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सिंचित भूमि का क्षेत्रफल पिछले दो दशकों में दोगुना हुआ है और सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
श्री चौधरी ने कहा कि कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन, बागवानी और जैविक खेती को एक साथ जोड़कर समेकित खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के 45 हजार गांवों में किसानों के उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिससे उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके। साथ ही कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में वर्तमान में 48 लाख लखपति दीदी हैं और अगले दो वर्षों में एक करोड़ जीविका दीदियों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जीविका निधि बैंक की व्यवस्था भी की गई है।उन्होंने कहा कि बिहार देश में सबसे अधिक बिजली सब्सिडी देने वाला राज्य है और सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर कार्यक्रम के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड बनाने और किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति में काफी सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में 1 जून से 30 जून तक खेत बचाओ अभियान चलाया जा रहा है। सरकार कक प्रयास है कि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिये किसान पंजीकरण, भू-अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से कृषि एवं किसान कल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने भी संबोधित किया।
