
जबलपुर। सीजीएसटी आयुक्तालय, जबलपुर की एंटी एवेजन टीम ने सतना में गैजकि प्राइवेट लिमिटेड, उससे संबद्ध संस्थाओं के ऑनलाइन गेमिंग कारोबार के ठिकानों पर छापेमारी कर दी। प्रारंभिक जांच में भारी हेराफेरी के साथ गड़बड़झाला सामने आया। सीजीएसटी टीम को जांच में आए तथ्यों से संकेत मिले हैं कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन किए गए, लगभग 300 करोड़ की संभावित जीएसटी कर चोरी का पता चला है। अब तक 1 करोड़ से अधिक की राशि की वसूली भी की जा चुकी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आयुक्त, केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी), जबलपुर, के मार्गदर्शन में सीजीएसटी आयुक्तालय, जबलपुर की एंटी एवेजन टीम द्वारा सतना स्थित मेसर्स गैजकि प्राइवेट लिमिटेड तथा उससे संबद्ध संस्थाओं के ऑनलाइन गेमिंग कारोबार की जांच में लगभग 300 करोड़ की संभावित जीएसटी कर चोरी का पता चला है। सीजीएसटी, जबलपुर द्वारा जीएसटी अधिनियम की धारा 67 के अंतर्गत की गई कार्रवाई के दौरान अब तक 1 करोड़ की राशि की वसूली की जा चुकी है। प्रकरण की जांच जारी है।
तकनीकी के साथ अभिलेखों की जांच में मिला गबड़झाला-
जानकारी के अनुसार सूचनाओं, तकनीकी विश्लेषण एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर की गई जांच में गबड़झाला मिला। अब की जांच में पाया गया किगैजकि प्राइवेट लिमिटेड ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों में संलग्न थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इससे संबंधित अन्य कंपनियां, खेलब्रो प्राइवेट लिमिटेड एवं स्किलब्रो प्राइवेट लिमिटेड, एक ही पते से संचालित हो रही थीं। इन कंपनियों के निदेशक भी समान व्यक्ति पाए गए हैं, जिसके आधार पर इनके मध्य व्यावसायिक संबंधों, गतिविधियों एवं वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूर्ण होने पर जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी एवं कर की वसूली सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा आवश्यक एवं कठोर कदम उठाए जाएंगे।
