जबलपुर: सीजीएसटी जबलपुर ने फर्जी आईटीसी रैकेट का भंडाफोड़ किया। करोड़ों की कर चोरी का पर्दाफाश किया। सात फर्मों में गुरूवार को जीएसटी की छापेमारी जारी रही। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामर किए गए है। प्रारंभिक जांच यह बात भी सामने आ रही है कि जीएसटी चोरी की हेराफेरी करने में एक संगठित नेटवर्क शामिल है इसके साथ ही यह आशंका जाहिर की गई कि है इस रैकेट मेंं कई व्यापारी, मध्यस्थ और पेशेवर शामिल हो सकते हैं। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान एवं गिरफ्तारी की संभावना है।
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, जबलपुर ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के फर्जी लाभ और वितरण से जुड़ी एक बड़े पैमाने की कर चोरी का भंडाफोड़ किया है। यह ऑपरेशन आयुक्त लोकेश कुमार लिल्हारे के नेतृत्व में विशिष्ट खुफिया सूचनाओं और डेटा विश्लेषण के आधार पर संचालित किया गया। उल्लेखनीय है कि यह पहली बार नहीं है जब सीजीएसटी जबलपुर द्वारा इस प्रकार की कर चोरी के रैकेट का खुलासा किया गया है।
पिछले वर्ष भी इसी तरह के एक मामले में गहन जांच के पश्चात एक चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं एक करदाता को गिरफ्तार किया गया था, जिनपर फर्जी चालान के माध्यम से करोड़ों रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करने और वितरित करने का आरोप सिद्ध हुआ था। उस मामले की जांच में यह भी सामने आया था कि किस प्रकार से पेशेवर व्यक्ति जैसे कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कारोबारी आपसी गठजोड़ के माध्यम से जाली दस्तावेज़ों और कंपनियों का उपयोग कर के टैक्स प्रणाली का दुरुपयोग कर रहे थे।
सरकारी खजाने को करोड़ों का हुआ नुकसान
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कुछ संस्थाओं ने बिना किसी वास्तविक वस्तु के आवागमन के फर्जी चालान जारी कर आईटीसी का अनुचित लाभ लिया और उसे अन्य इकाइयों तक पास किया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
गड़बड़झाला कर रायपुर से कई राज्यों में सप्लाई हो रहा सरिया-
जानकारी के अनुसार रायपुर से आ रहे सरिया को कई तरीकों से मध्य प्रदेश एवं देश के विभिन्न राज्यों में ले जाया जा रहा जिसमे अंडर वैल्यूएशन, अंडर वेट, अंडर बिलिंग एवं बिना बिलिंग जैसी उपयोग की जा रही है, इस संबंध में पिछले 15 दिनों से ट्रांसपोर्टर्स को ट्रांजिट चेक एवं डीलर्स को छापेमार कार्यवाही द्वारा विभाग द्वारा सेंसिटाइज़ किया जा रहा है । इस सिलसिले में जबलपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में कई व्यापारिक और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की गई, जिसमें फर्जी चालान, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉड्र्स एवं संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
इन फर्मों में छापे
जांच में यह भी सामने आया है कि इस रैकेट में कई प्रमुख लोहा एवं सीमेंट व्यापारियों की संलिप्तता है। जिन प्रतिष्ठानों के परिसरों पर छापे मारे गए, उनमें गूमर ट्रेडर्स, एएस ट्रेडिंग, एमपी ट्रेडिंग, विश्वकर्मा ट्रेडर्स, कमला ट्रेडर्स, पीयूष ट्रेडर्स, विजय कुमार मिश्रा कंस्ट्रक्शन (भोपाल एवं रीवा), श्री सुंदरम इंफ्राकॉन आदि शामिल है
