कृषकों हेतु कार्यशाला का हुआ आयोजन,जैविक व प्राकृतिक कृषि के फायदे की जानकारी दी,सांसद,विधायक कलेक्टर ने उत्पादन बढ़ाने के बताए उपाय

पानसेमल । जनपद के ग्राम दौंडवाड़ा सामुदायिक भवन में कृषकों के लिए जैविक तथा प्राकृतिक कृषि की जागरूकता हेतु कार्यशाला का आयोजन हुआ जिसमें कृषि वैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों ने कृषि को लेकर अपने अनुभव साझा किए।6 वर्षों से जैविक एवं प्राकृतिक पर रिसर्च कर रही विशेषज्ञ शहादा(महाराष्ट्र) निवासी मंजुला पाटिल ने किसानो को जैविक खेती की बारीकियों को बताया तथा,मिट्टी के पोषक तत्व,फसल परिवर्तन,कृषि में उपयोगी कीटनाशक तथा उर्वरकों की आवश्यकताओं पर अपनी बात रखी उन्होंने मिट्टी में उपस्थित जीवाणु एवं पोषक तत्वों को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी।कार्यशाला में कलेक्टर श्रीमती जयतीसिंह ने कपास को लेकर HDPS खेती को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि कुछ किसान पहली बार इस पद्धति से कृषि कर रहे हैं।कपास के बीज,पौधे एवं देखरेख एवं उर्वरक के उपयोग कैसे ओर कब करना है इस बारे में बताया ।उन्होंने बीजों की जानकारी दी और कहा कि किसानो को जिले में लंबे रेशे वाले कपास के बीज का वितरण किया है तथा किसानों को कृषि उत्पादन एवं आय बढ़ाने पर जोर दिया। किसानो को प्राकृतिक खेती पर सरकार द्वारा प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही हैं।विधायक श्याम बर्डे ने कहा मध्य प्रदेश शासन किसानों के हित में किसान कल्याण वर्ष मना रहा है। किसानों को कृषि से कैसे अधिक से अधिक लाभ मिले इस हेतु शासन निरंतर प्रयासरत है ।रासायनिक खाद का प्रयोग करने से खेती की उर्वरक क्षमता कम हो रही हैं।नागलवाड़ी मानकर केबिनेट आयोजित की गई थी जिसके बाद किसानों के हित में निशुल्क बीजों के वितरण सहित अन्य योजनाएं बनाई जा रही हैं।किसानों को पर्याप्त बिजली पानी एवं अन्य सुविधाएं कैसी मिले इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।विधायक ने किसानो को जैविक कृषि करने हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि शासन द्वारा सोलर उर्जा हेतु भी किसानों को 10 प्रतिशत राशि देकर सौर ऊर्जा पैनल किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों को इसका लाभ भी मिल रहा है।प्रदेश सरकार ने मंडी टैक्स में भी कटौती की है जिसका फायदा व्यापारियों एवं किसानों को होगा।सांसद गजेन्द्रसिंह पटेल ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान रासायनिक खाद का उपयोग करते हैं,पिछले कई वर्षों पहले पहाड़ी इलाकों में कोई खाद का उपयोग नहीं करते थे तो गंभीर बिमारियों से बचे रहते थें,जबकि वर्तमान समय में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का प्रयोग होने लगा जिससे की बीपी शुगर ओर अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी हैं।किसानों के लिए कार्यशाला का उद्देश्य हे कि किसान जैविक तथा प्राकृतिक कृषि की ओर अग्रसर रहे।सांसद पटेल ने कृषि विभाग अधिकारियों को सुझाव दिया कि जैविक तथा प्राकृतिक कृषि करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ ही हम अन्य किसानों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित कर सके इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया जाना चाहिए।जिस प्रकार कोरोना काल में लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा दिया था उसी प्रकार हम भी कृषि क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा दे ऐसा कुछ करने का प्रयास करे।यदि ग्रामों तक केंसर जैसी बीमारियां आ रही है तो निश्चित ही सभी को कृषि में सुधार की आवश्यकता है।पूर्व राज्यसभा सांसद सुमेरसिंह सोलंकी ने “जय जवान जय किसान” नारे के साथ किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं किसान का बेटा हूं और बचपन से कृषि कार्य भी किए हैं,पहले समय में मिर्ची,भुट्टे और मूंगफली की किस्म ऐसी थी कि उसमें सुगंध से ही सबको पता लग जाता था लेकिन अभी ऐसा समय आ गया हे कि सब्जियों से स्वाद कम हो गया हे,रासायनिक खाद ने स्वाद कम कर दिया और जमीनों को सख्त कर दिया।किसानों में जागरूकता हो इसलिए जैविक तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।जनप्रतिनिधियों ने बताया कि कीटनाशकों के अधिक प्रयोग से किसान सब्जियां तो उत्पादन करता है लेकिन वह खुद कही इसका सेवन करने में संकोच करता है।कार्यशाला में जैविक बीज,जैविक कीटनाशक एवं जैविक उर्वरकों की भी प्रदर्शनी लगाई गई थी।जिसके बारे में किसानों को जानकारी दी गई।सांसद गजेन्द्रसिंह पटेल,पूर्व राज्यसभा सांसद सुमेरसिंह सोलंकी,विधायक श्याम बर्डे,जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शीला विनोद वसावे,नगर परिषद अध्यक्ष शैलेष भंडारकर,उपाध्यक्ष साहेबराव चौधरी,पार्षदगण,जनपद पंचायत सदस्य किशोर वारु डे,प्रतिनिधि पंडित माली,सरपंच रामलाल परमार,पूर्व मंडी अध्यक्ष मनोहर पटेल,जिला किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष राजेंद्र शितोले,कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भोमराज जैन ने बताया कि करीब 14 ग्रामों में किसानों द्वारा जैविक कृषि की जा रही हे। साथ ही क्षेत्र में विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है।इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र बजट्टा वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री बड़ोदिया, उपसंचालक कृषि के. सी. वास्कै,SDM रमेश सिसोदिया,तहसीलदार सुनील सिसोदिया,उद्यानिकी विभाग से उद्यानिकी अधिकारी गोविंद पटेल उप संचालक उद्यान,वरिष्ठ उद्यानिकी विकास अधिकारी कुलदीप पाटीदार,डॉक्टर नेहा तोमर,लोकेश यादव,विक्रम भादले कृषि अधिकारी कर्मचारी,BJP उपाध्यक्ष राम सोनाने ,मंडल अध्यक्ष चंद्रकांत महाजन,चेनसिंह गदरे,प्रफुल्ल पाटीदार,भरत वारुडे,उत्तम चौहान, राकेश दावरे,दिनेश जाधव तथा किसान मौजूद रहे।कार्यक्रम का संचालन एल्डरमैन कार्यक्रम का संचालन मन्ना शुक्ला एवं आभार जिला किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष राजेंद्र शितोले ने किया।

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