जबलपुर: शातिर अपराधियों षड्यंत्र रच न सिर्फ जमीन के शासकीय रिकॉर्ड में हेरफेर की, बल्कि निसंतान मृतक का फर्जी बेटा बनकर करोड़ों रुपए की पैतृक जमीन अपने नाम करा ली। मामला तब खुला जब आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे इस जमीन को किसी तीसरे पक्ष को बेच दिया और खरीदार कब्जा लेने पहुंचा। मझौली पुलिस ने मामले मुख्य आरोपी राघवेंद्र उर्फ रग्घू राय समेत उसके परिवार के 6 सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम अमरगढ़ कटनी निवासी चंद्रिका प्रसाद लोधी (55) ने ग्राम मझौली स्थित खसरा नंबर 109, रकबा 0.283 हेक्टेयर भूमि सरकारी रिकॉर्ड में मूल रूप से प्रेमलाल लोधी और सुकरत लोधी के नाम पर दर्ज थी। प्रेमलाल लोधी की कोई औलाद नहीं थी। इसी बात का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी राघवेंद्र उर्फ रग्घू राय ने हल्का पटवारी के साथ साठगांठ की। राघवेंद्र ने खुद को मृतक प्रेमलाल का पुत्र घोषित करते हुए फर्जी फौती नामांतरण करा लिया और राजस्व रिकॉर्ड से मूल मालिकों का नाम साफ कर अपने व अपने भाइयों का नाम चढ़वा लिया। पीड़ित परिवार को इस कूटरचना की भनक तक नहीं लगी। सरकारी कागजों में मालिक बनते ही आरोपियों ने बिना समय गंवाए यह पूरी विवादित भूमि जय साहू नामक व्यक्ति को बेच दी। जब जय साहू जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा, तब पीड़ित परिवार के सामने इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
आरोपी राघवेंद्र का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी राघवेंद्र राय शातिर किस्म का जालसाज है और अदालतों को गुमराह करने में माहिर है। उसके खिलाफ पूर्व में भी सिविल लाइन थाना जबलपुर में जालसाजी का मामला दर्ज है। इतना ही नहीं, आरोपी ने जबलपुर जिला पंजीयक कार्यालय में भी एक फर्जी किरायानामा बनाकर पेश किया था, जिसकी उच्च स्तरीय जांच अभी भी लंबित चल रही है।
इन 6 आरोपियों पर एफआईआर
पुलिस ने मुख्य आरोपी राघवेंद्र उर्फ रग्घू राय पिता स्व. प्रेमलाल राय, सुरेन्द्र पाल राय पिता स्व. प्रेमलाल राय, मीना राय पति स्व. महेन्द्रलाल राय, आशा रानी राय पिता स्व. महेन्द्र पाल राय उषा रानी राय (पिता स्व. महेन्द्र पाल राय, अभिषेक राय पर एफआईआर दर्ज कर ली है। अभिषेक राघवेंद्र का भतीजा है, जिसने फर्जी दस्तावेज तैयार करने में मदद की है। तत्कालीन पटवारी और राजस्व कर्मियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है, जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है।
