
छिंदवाड़ा. पर्यटन ग्राम देवगढ़ में संचालित होम स्टे अब देश-विदेश में ख्याति प्राप्त कर रहें हैं। देवगढ़ में संचालित होम स्टे व पर्यटन गतिविधियों पर अध्ययन करने के लिए महाराष्ट्र के नासिक, ठाणे, गोंदिया, गड़चिरोली व अहिल्या नगर जिले से होम संचालकों की टीम दो दिवसीय दौरे पर पहुंचीं और होम स्टे संचालन और अतिथि सत्कार के गुर सीखें। टीम के 33 सदस्यों ने दो दिनों तक देवगढ़ में रहकर ऐतिहासिक किला, बावडिय़ों व होम स्टे देखें। ग्रामीण व आदिवासी परिवार पर्यटन गतिविधियों के संचालन में परिवार सहित सहभागिता करते हैं, इससे टीम के सदस्य रूबरू हुए। डीएटीसीसी के नोडल अधिकारी बलराम राजपूत व पर्यटन प्रबंधक गिरीश लालवानी ने अध्ययन दल को ग्रामीण पर्यटन की अवधारणा व संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अध्ययन दल ने अलग-अलग होम में रहकर होम स्टे संचालकों से बातचीत में उनके अनुभव जाने। जय भवानी ग्राम विकास समिति ने भ्रमण दल की पूरी व्यवस्थाएं संभालीं। भ्रमण के अंतिम दिन शुक्रवार को कार्यशाला में सभी ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यशाला में होम स्टे परियोजना के प्रभारी अधिकारी आरडी सिद्दीकी, डीएटीसीसी के नोडल अधिकारी बलराम राजपूत, पर्यटन प्रबंधक गिरीश लालवानी, बैक टू विलेज संस्था से राजेंद्र पाठे सहित सभी होम स्टे संचालक मौजूद थे।
खान-पान, अतिथि सत्कार से हुए प्रभावित ०००००
नासिक, ठाणे, गोंदिया, गड़चिरोली व अहिल्या नगर से आए होम स्टे हितग्राहियों ने माना कि पर्यटन ग्राम देवगढ़ भ्रमण के अनेक फायदे होंगे। यहां अतिथियों के सत्कार से लेकर व्यवहार, खान-पान के बारे में बारिकियों से जानने को मिला। दल में शामिल महिलाओं ने बताया कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से हुआ यह अध्यन भ्रमण हमारे लिए लाभदायक है, हमारे यहां पर होम स्टे बनना है, यहां से सीख लेकर हम अपने होम स्टे को और सुविधाजनक, पर्यटकों के अनुकूल बनाएंगे। साथ ही पर्यटन समिति के कामकाज को अधिक सरल बनाने, पर्यटकों को होम स्टे से जोडऩे के लिए हमें कई जरूरी टिप्स यहां मिले हैं।
