सीहोर। जिला मुख्यालय के पास स्थित पचामा इंडस्ट्रियल एरिया में नियमों को ताक पर रखकर प्रदूषण फैला रही सचिन इंडस्ट्रीज पनीर फैक्ट्री पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. फैक्ट्री से निकलने वाले बदबूदार और सफेद जहरीले पानी ने इलाके में एक तालाब का रूप ले लिया है, जिससे न केवल पर्यावरण को खतरा है बल्कि किसानों की जमीन भी प्रभावित हो रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने फैक्ट्री प्रबंधन को नोटिस जारी कर तुरंत उत्पादन रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं.
प्रशासनिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं. जिला उद्योग महाप्रबंधक अनुराग वर्मा ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन के पास न तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनिवार्य एनओसी है और न ही भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण का वैध लाइसेंस. फैक्ट्री में दूषित पानी को साफ करने के लिए एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट तक नहीं लगाया गया है. इसके बिना ही फैक्ट्री का तेजाबी और केमिकल युक्त पानी खुलेआम सीधे नालों और खेतों में बहाया जा रहा है. प्रशासन की इस अनदेखी से ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है. उन्होंंने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर वह आंदोलन करेंगे.
किसानों की मेहनत पर फिर रहा पानी
किसानों और निवासियों का बुरा हाल है. फैक्ट्री के जहरीले पानी के कारण खेतों की उपजाऊ शक्ति खत्म हो रही है. ग्रामीणों को डर है कि यह सफेद जहर क्षेत्र की जीवनरेखा माने जाने वाले जमोनिया डैम तक पहुंच सकता है. अगर ऐसा हुआ तो पूरे क्षेत्र का जल स्रोत दूषित हो जाएगा. इलाके में फैली भीषण दुर्गंध ने लोगों का सांस लेना मुश्किल कर रखा है.
मामले में प्रशासन ने उठाए सख्त कदम
जिला उद्योग केंद्र ने मामले में सख्ती दिखाते हुए कड़े कदम उठाते हुए फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से काम बंद करने का आदेश दिया गया है. साथ ही बिजली विभाग को पत्र लिखकर फैक्ट्री का विद्युत कनेक्शन काटने के निर्देश दिए गए हैं. प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला और नियमों का पालन नहीं हुआ तो फैक्ट्री की जमीन की लीज स्थायी रूप से रद्द कर दी जाएगी.
इधर प्रशासनिक सख्ती हुई हवा
गौरतलब है कि इसी तरह बीते कुछ महीनों से सुर्खियों में रही चंदेरी की पनीर फैक्ट्री एक बार फिर सवालों के घेरे में है. इस पनीर फैक्टी पर तमाम तरह की प्रशासनिक कार्रवाई हुई. जांच के दौरान फैक्ट्री से लिए गए पनीर के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद इसे सेहत के लिए असुरक्षित माना गया. प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री का बिजली कनेक्शन काट दिया था और निर्माण कार्य पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब फैक्ट्री चालू है तो लोगों के मन में यही सवाल उठ रहा है कि क्या अब सब कुछ ठीक हो गया.
उत्पादन रोकने को कहा है
सचिन इंडस्ट्रीज द्वारा प्रदूषण फैलाए जाने की पुष्टि हुई है. इनके पास आवश्यक अनुमतियां भी नहीं हैं। हमने नोटिस जारी कर उत्पादन रोकने को कहा है. इसके अलावा विद्युत कंपनी से भी फैक्ट्री का विद्युत कनेक्शन काटने को कहा गया है. ऐसी लापरवाही जारी रही तो लीज निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
अनुराग वर्मा,
महाप्रबंधक, डीआईसी
