
छतरपुर। मध्यप्रदेश शासन की स्थानांतरण नीति का उल्लंघन कर तीन एएनएम के तबादला आदेश जारी करने के मामले में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में स्थापना लिपिक सहायक ग्रेड-2 बबीता खरे की भूमिका सामने आने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बताया गया है कि एएनएम रचना श्रीवास्तव, शबनम और रेखा निरंजन के तबादले प्रभारी मंत्री की स्वीकृति के बिना ही कर दिए गए थे।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में इस कृत्य को म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के तहत कदाचार माना गया है। निलंबन अवधि के दौरान बबीता खरे का मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय छतरपुर निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही सीएमएचओ को निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र तैयार कर कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए।
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि बिना सक्षम स्वीकृति के जारी हुए तबादला आदेशों के मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में विभागीय स्तर पर और कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
